फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी चुनाव 2022: संकट के समय साथ देने वाले दूसरी पार्टी के नेताओं को टिकट देगी भाजपा, नितिन अग्रवाल हरदोई से लड़ेंगे

Wed, 03 Nov 2021 02:29 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

यूपी के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन नेताओं व विधायकों को टिकट देने का मन बनाया है जिन्होंने संकट के समय अपनी पार्टी को छोड़कर भाजपा का समर्थन किया।
विज्ञापन
प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राज्यसभा चुनाव से लेकर विधानसभा तक में संकट के समय भाजपा का साथ देने वाले विपक्षी दलों के विधायकों का पार्टी विधानसभा चुनाव में टिकट देकर कर्ज उतारेगी। राज्यसभा चुनाव 2018 में उन्नाव के पुरवा से बसपा विधायक अनिल सिंह ने भाजपा के पक्ष में मतदान किया था।

विज्ञापन


इसी तरह राष्ट्रीय लोकदल के एक मात्र विधायक सहेंद्र रमाला ने भी पार्टी के खिलाफ जाकर भाजपा उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान किया था। हरदोई से सपा विधायक नितिन अग्रवाल ने भी भाजपा के पक्ष में मतदान किया था। जबकि रायबरेली के हरचंद्रपुर से कांग्रेस विधायक राकेश प्रताप सिंह और रायबरेली से कांग्रेस विधायक अदिति सिंह ने संविधान दिवस के उपलक्ष्य में लगातार 36 घंटे तक चली विधानमंडल की कार्यवाही में पार्टी के खिलाफ जाकर भाजपा का समर्थन किया था।

भाजपा ने हाल ही नितिन अग्रवाल को विधानसभा उपाध्यक्ष निर्वाचित कराया है। उन्हें आगामी चुनाव में हरदोई से टिकट देने पर सहमति बन गई है। वहीं बसपा विधायक अनिल सिंह भाजपा से टिकट दिया जा सकता है। रालोद विधायक सहेंद्र रमाला ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है।
विज्ञापन


सूत्रों के मुताबिक पार्टी ने उनसे किया वादा पूरा नहीं किया। उन्हें न तो मंत्रिमंडल में और न ही किसी आयोग या बोर्ड में पद दिया गया। अब उन्हें टिकट देने पर विचार किया जा रहा है।

विज्ञापन

रायबरेली से प्रत्याशी बनाए जा सकते हैं दिनेश प्रताप सिंह व अदिति सिंह

कांग्रेस विधायक राकेश प्रताप सिंह के भाई दिनेश प्रताप सिंह को भाजपा ने लोकसभा चुनाव में रायबरेली से कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के सामने उम्मीदवार बनाया था।

अब विधानसभा चुनाव में राकेश और रायबरेली से अदिति सिंह को भी भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ाने की तैयारी है। हालांकि विधानसभा चुनाव में प्रत्येक सीट पर प्रत्याशी चयन गहन मंथन के बाद भाजपा का संसदीय बोर्ड करेगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें