विधानसभा चुनाव कार्यक्रमों के एलान के पहले पांच नवंबर से शुरू होने वाली भाजपा की परिवर्तन यात्राएं वास्तव में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की तीन नवंबर से शुरू होने वाली समाजवादी विकास रथ यात्रा का जवाब होंगी। भाजपाई रणनीतिकारों ने सूबे के चुनावी महासमर को भाजपा बनाम सपा बनाने की रूपरेखा तैयार कर ली है।
जानकार बताते हैं कि विधानसभा चुनाव में भाजपा को सपा से लड़ाई फायदेमंद नजर आती है। बसपा, आम मतदाताओं की नजर में जितना कमजोर नजर आएगी, भाजपा उतना ही फायदे में रहेगी।
समाजवादी पार्टी में पारिवारिक कलह सड़क पर आने के बीच मुख्यमंत्री अखिलेश की तीन नवंबर से शुरू हो रही समाजवादी विकास रथ यात्रा ने भाजपा की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। इससे भाजपा को मुख्यमंत्री के विकास के दावों और आरोपों का जवाब देने और उन पर आरोपों की पैनी वार करने में सहूलियत होगी।
बसपा को नजरअंदाज करने में होगी आसानी
सियासी तौर पर आरोप-प्रत्यारोप सीधे भाजपा और सपा के बीच केंद्रित हो जाएंगे। इससे बसपा को नजरअंदाज करने में भी आसानी होगी।
विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने परिवर्तन यात्राओं की रूपरेखा इस तरह तैयार की है कि वह सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचे। यात्रा के बीच-बीच में बड़ी-बड़ी जनसभाओं की भी योजना है जिसे राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से लेकर सूबे के जातीय समीकरण को मजबूत करने वाले केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता भी संबोधित करेंगे।
इन सभाओं के जरिये बसपा राज को भ्रष्टाचार का पर्याय बताने और गांव-गांव अखिलेश सरकार के विकास के दावे की हवा निकालने के लिए पूरी तैयारी है। इसके लिए आवश्यक सूचनाएं जुटा ली गई हैं।
गृहमंत्री राजनाथ सिंह और रक्षामंत्री मनोहर परिकर की जनसभाओं में मौजूदगी सर्जिकल स्ट्राइक की मंद पड़ती हवा को ताजा करने का काम करेगी।
अखिलेश की लोकप्रियता की काट, मजबूर सीएम की छवि
मुख्यमंत्री की लोकप्रियता में ज्यादा गिरावट न होना भी भाजपा के लिए चिंता का विषय है। पार्टी ने मुख्यमंत्री अखिलेश को चौतरफा घेरने की योजना बनाई है।
यात्रा के दौरान पार्टी के जिम्मेदार नेता अखिलेश की लोकप्रियता के ग्राफ को कम करने के लिए उन्हें सूबे का सबसे मजबूर और विफल सीएम साबित करने का प्रयास करेंगे। सपा की पारिवारिक कलह में एक दूसरे के खिलाफ आरोप-प्रत्यारोप ने इसकी जमीन उन्हें पहले ही उपलब्ध करा दी है।
परिवर्तन यात्राओं के बीच पीएम की छह सभाएं कराने की तैयारी
जानकार बताते हैं कि पहले चारों परिवर्तन यात्राओं के समापन पर लखनऊ में प्रधानमंत्री की एक बड़ी जनसभा कराने की योजना थी। भाजपा के प्रदेश महामंत्री विजय बहादुर पाठक बताते हैं कि परिवर्तन यात्राओं के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छह बड़ी जनसभाएं कराने की योजना है।
इनमें एक-एक सभा भाजपा की सांगठनिक दृष्टि से बंटे सभी छह क्षेत्रों में प्रस्तावित हैं। पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री से इसके लिए समय की मांग की गई है। ये सभाएं उन स्थानों पर हो सकती हैं जहां लोकसभा चुनाव के बाद प्रधानमंत्री एक बार भी नहीं पहुंच पाए हैं।
वे दावा करते हैं कि 92 युवा सम्मेलन, 70 महिला सम्मेलन, 200 पिछड़ा सम्मेलन और हर विधानसभा क्षेत्र में परिवर्तन यात्राओं के तहत होने वाली 400 से ज्यादा सभाएं सूबे के माहौल को भाजपामय कर देंगी।
भाजपा की परिवर्तन यात्राओं का कार्यक्रम
5 नवंबर- सहारनपुर
6 नवंबर - झांसी
8 नवंबर - सोनभद्र
9 नवंबर - बलिया