उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि राहुल गांधी पहले अमेठी छोड़कर वायनाड भाग गए थे, अब वायनाड छोड़कर रायबरेली आ गए हैं, रायबरेली के लोग उन्हें कभी स्वीकार नहीं करेंगे। वहीं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीसरी पारी को लेकर जिस तरह का माहौल बना है, वही कारण है कि कांग्रेस पहले तो तय नहीं कर पा रही थी कि क्या करना चाहिए। पिछली बार राहुल गांधी अमेठी से हार कर केरल की तरफ भागे थे। अब वायनाड से हार की आशंका देखते हुए रायबरेली आ गए। उत्तर प्रदेश का माहौल मोदीमय हो चुका है। हम पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ने जा रहे हैं... रायबरेली की जनता भी उनका(राहुल गांधी) इंतजार कर रही है कि कांग्रेस ने पीएम मोदी के बारे में जो भी हल्की बातें कही हैं उसका हिसाब उन्हें देना पड़ेगा।'
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा, 'पहले राहुल गांधी अमेठी से भागे और वायनाड जाकर रुके, अब वायनाड में उनकी हार सुनिश्चित है और हार सुनिश्चित जान कर रायबरेली आ रहे हैं। वायनाड की जनता बखूबी जानती है कि ये जनहित के बजाय अपना स्वार्थ की राजनीति करने वाले लोग हैं इसलिए रायबरेली की जनता राहुल गांधी को वापस भेजने कि लिए तैयार बैठी है।'
पूर्व कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा, 'राहुल गांधी को अमेठी लड़ना चाहिए था। अमेठी से भागने से कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और पूरे देश में ये संदेश जाएगा कि जो आदमी रोज पीएम नरेंद्र मोदी को चुनौती देता था, रोज अपने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और देश की जनता से कहता था कि डरो मत, वो खुद डर गया। मुझे लगता है कि ये कांग्रेस का दुर्भाग्य है।'
रायबरेली लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार दिनेश प्रताप सिंह ने कहा, 'रायबरेली के साथ सोनिया गांधी ने धोखा किया प्रियंका गांधी ने धोखा किया और जिनको अमेठी से प्रत्याशी बनाया उन्होंने धोखा किया। रायबरेली की जनता ने सोनिया गांधी को सांसद चुना, सोनिया गांधी ने अपना प्रभारी बनाकर प्रियंका गांधी को पावर दे दिया। प्रियंका गांधी ने अपना पावर किशोरी लाल शर्मा को दे दिया। 10 सालों रायबरेली वासियों से ना सोनिया गांधी ना प्रियंका गांधी और ना ही किशोरी लाल शर्मा मिलें। मैं कह सकता हूं कि रायबरेली के लोग बड़ी बेसब्री ये इन सब नकली गांधी का इंतजार कर रहे थे। ये आ गए हैं अब रायबरेली इनको अच्छे से सबक सिखाएगी।'