भाजपा ने मायावती पर पलटवार करते हुए कहा है कि बसपा सुप्रीमो अपने समर्थकों के भाजपा से जुड़ने पर डर गई हैं क्योंकि प्रदेश में मोदी लहर का असर दिख रहा है।
भाजपा ने बसपा सुप्रीमो मायावती पर पलटवार करते हुए कहा कि इस चुनाव में वह अपने सफाए के डर से उल्टे-सीधे आरोप लगा रही हैं।
प्रदेश में कांग्रेस, सपा व बसपा तीनों मोदी की लोकप्रियता से घबराए हैं। बसपा भी अपने समर्थकों के भाजपा के प्रति लगाव के कारण पार्टी पर अन्य दलों से मिले होने के आरोप लगा रही है।
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मनोज मिश्र ने कहा कि पूर्वांचल की बची 18 सीटों पर सपा, बसपा और कांग्रेस के सफाए की खबरें आम हो रही हैं। सपा के मुखिया मुलायम सिंह यादव आजमगढ़ में हार रहे हैं, इसलिए बेचैन हैं। कांग्रेस अपने युवराज की संभावित हार से परेशान है।
मोदी के पिछड़े कार्ड से परेशान माया
गौरतलब है कि नरेंद्र मोदी ने जब से पिछड़े वर्ग से खुद को जोड़ने के लिए खुद के पिछड़े वर्ग का होने की बात की है तब से मायावती मोदी पर सीधे हमलावर हो गई हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि प्रदेश में पांचवे और छठवें चरण के चुनाव में इस वर्ग का खास प्रभाव पड़ेगा। इसलिए कोई भी पार्टी समझौता नहीं करना चाहती है।
वहीं नरेंद्र मोदी ने प्रियंका गांधी की टिप्पणी को लाभ लेने के लिए पिछड़ी जाति से जोड़कर उसका विश्लेषण किया। जिसके बाद मायावती ने तुरंत प्रेस कांफ्रेंस कर मोदी से उनकी जाति पूंछी।
अगर दलित और पिछडों का साथ भाजपा को मिल जाता है तो सपा, बसपा की सीटें कम हो जाएंगी।
मोदी फिर हुए हमलावर
आज वाराणसी के रोहनियां में रैली के दौरान नरेंद्र मोदी ने मायावती के जाति पूछने के सवाल पर जवाब दिया।
मोदी ने कहा कि मैं विकास की राजनीति करना चाहता हूं। मैं जाति की राजनीति नहीं करता हूं। इस तरह मोदी ने मायावती की टिप्पणी को भी अपने लाभ के लिए इस्तेमाल कर लिया।
यह भी एक सच है कि इन दिनों मोदी का ही प्रचार अभियान मीडिया में चर्चा का विषय है, चुनावी सर्वे में भाजपा को प्रदेश में 50 सीटें जीतते हुए दिखाया जा रहा है, वहीं कांग्रेस, सपा और बसपा इससे साफ इनकार कर रहे हैं।