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...बस 15 मिनट में ही खत्म हो गई भाजपाइयों की 'नौटंकी'

Fri, 20 Mar 2015 01:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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राजस्व विभाग के बजट पर बोलने का मौका न मिलने पर भाजपा सदस्यों मे वेल में आकर धरना दिया। विधानसभा की कार्यवाही समाप्त हो जाने के बाद भी वे धरने पर बैठे रहे।
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संसदीय कार्यमंत्री आजम खां और राजस्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने उनके मुद्दों पर विचार करने का आश्वासन देकर रात सवा आठ बजे धरना समाप्त कराया।

राजस्व विभाग के बजट पर चर्चा के दौरान बसपा के लोकेश दीक्षित की टिप्पणी पर हंगामे के चलते शाम साढ़े सात बजे विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने बजट प्रस्ताव पारित करने के लिए रखा। इसे ध्वनिमत से पास कर दिया गया।

भाजपा के लोकेंद्र सिंह और उपेंद्र तिवारी कुछ बोलना चाहते थे। उन्हें मौका नहीं मिला तो भाजपा सदस्य वेल में आ गए। इस बीच अध्यक्ष ने नियम-51 के तहत मिली सूचनाओं पर सरकार को वक्तव्य देने के निर्देश देकर शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।
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15 मिनट की बातचीत में दिया आश्वासन

विधानसभा अध्यक्ष और सत्ता पक्ष के अधिकतर सदस्य सदन से चले गए लेकिन लोकेंद्र सिंह, उपेंद्र तिवारी, सुरेश राणा, रामचंद्र यादव, मनीष असीजा, विक्रम सिंह, जगन प्रसाद गर्ग आदि धरने पर बैठे रहे। इस दौरान भाजपा विधानमंडल दल के नेता सुरेश खन्ना भी मौजूद रहे।

रात आठ बजे संसदीय कार्यमंत्री आजम खां, राजस्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव और कुछ अन्य नेता सदन में आए। उन्होंने भाजपा विधायकों से कहा कि वे अपनी समस्या बताएं, उनका हल किया जाएगा। उनसे 15 मिनट वार्ता के बाद धरना समाप्त हो गया।

नौगांवा तहसील में शामिल नहीं होंगे बिजनौर के गांव
वार्ता के दौरान नूरपुर (बिजनौर) के विधायक लोकेंद्र सिंह ने शिवपाल से कहा कि अमरोहा जिले में नौगांवा सादात को तहसील बनाना प्रस्तावित है। इसमें उनके क्षेत्र के तीन न्याय पंचायतों की नौ ग्राम पंचायतों के 44 गांव शामिल किए जाने की तैयारी है।

शिवपाल ने कहा कि अभी नई तहसील नहीं बन रही है। यदि बनी भी तो बिजनौर जिले का कोई गांव नौगांवा तहसील में शामिल नहीं होगा। उपेंद्र तिवारी ने भी उनसे अपने क्षेत्र की समस्या बताई। इस पर उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया।

चरण सिंह के अपमान पर वेल में आए कांग्रेसी

राजस्व विभाग के बजट पर चर्चा के दौरान चौधरी चरण सिंह के अपमान का आरोप लगाते हुए कांग्रेस सदस्य वेल में आ गए।

शाम करीब साढ़े छह बजे मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने विधानसभा में राजस्व विभाग का बजट रखा। बजट भाषण की शुरुआत उन्होंने चरण सिंह को महान किसान नेता बताते हुए की। बजट चौधरी चरण सिंह को समर्पित करते हुए कहा कि वे प्रदेश के पहले राजस्व मंत्री थे।

वे मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री भी रहे। वे कहते थे देश की खुशहाली का रास्ता गांव और खेतों से होकर जाता है। इस बजट में उनकी सोच की झलक है। हम पटवारी राज की जगह लोकराज चाहते हैं।
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मायावती हैं असली किसान नेता

बसपा के लोकेश दीक्षित ने कहा कि जिन्हें महान नेता बताया गया है, वे किसानों से छलावा करके प्रधानमंत्री बने थे। असली किसान नेता तो बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती हैं।

इस पर कांग्रेस के वंशी सिंह पहाड़िया और अन्य सदस्यों ने विरोध जताना शुरू कर दिया। उन्होंने व्यवस्था का प्रश्न भी उठाया लेकिन मांग अनसुनी होने पर वेल में आ गए।

इस बीच बजट पारित कराकर सदन शुक्रवार तक के लिए स्थगित हो गया। सदन के बाहर पहाड़िया ने कहा कि बसपा सदस्य ने चौधरी चरण सिंह जैसे महान किसान नेता का अपमान किया है।

भट्टा पारसौल समेत कई स्थानों पर किसानों पर गोलियां चलवाने वाली मायावती को किसान नेता बताना हास्यास्पद है।
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