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चुनाव जीतने के लिए बीजेपी घर-घर भेज रही है चिट्ठी, आपको मिली क्या?

Thu, 09 Feb 2017 05:28 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
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डेमो - फोटो : amar ujala
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पहले चरण के मतदान की तिथि नजदीक आने के साथ ही भाजपा के रणनीतिकार चुनावी चौसर पर जीत दिलाने वाली गोटें सजाने में जुट गए हैं। इसमें एक तरफ डैमेज कंट्रोल के प्रबंधन का काम शामिल है तो दूसरी तरफ मतदाताओं के साथ संवाद कायम कर समीकरण साधने की चिंता भी।
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पार्टी के प्रत्याशी भले ही एक-एक मतदाता तक न पहुंच पाएं और नेता भी सभी से संपर्क न साध पाएं लेकिन वे पत्र के जरिए प्रदेश के हर घर तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश में जुट गए हैं।

पत्र में प्रदेश सरकार की खामियों का जिक्र किया गया है। साथ ही भ्रष्टाचार, उत्पीड़न तथा किसानों की कठिनाइयों का उल्लेख करते हुए प्रदेश में पार्टी की सरकार बनने पर कराए जाने वाले कामों का सिलसिलेवार जिक्र किया गया है।
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हर विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी की तरफ से उस क्षेत्र के प्रत्येक मतदाता को भेजे जा रहे इस पत्र की खासियत यह भी है कि इसमें उस घर के सभी मतदाताओं के मतदाता पहचान पत्र और उसकी संख्या का भी उल्लेख किया गया है।

साथ ही मतदान की तारीख और मतदान केंद्र का भी जिक्र है। परिवार के मुखिया के नाम से लिखे गए इन पत्रों को हर घर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी बूथ कमेटियों को सौंपी गई है। खत पहुंचाने में कोई चूक न हो, इसके लिए प्रदेश के वॉर रूम से मॉनिटरिंग भी की जा रही है।
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चिंता है एक-एक वोट डलवाने की

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भाजपा में चिट्ठी व खतों की सियासत नई बात नहीं है। विधानसभा का चुनाव हो या लोकसभा का चुनाव अथवा स्थानीय निकाय का चुनाव, वर्ष 2007 के बाद सेे लखनऊ वासियों को अटल बिहारी वाजपेयी के नाम से खत आते रहे हैं।

लोकसभा चुनाव में वाराणसी से चुनाव लड़े मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी काशी वालों के नाम खत लिखकर समर्थन मांगा था। इस बार भाजपा ने इसे विस्तार देते हुए हर मतदाता तक वहां के भाजपा उम्मीदवार की तरफ से खत पहुंचाने का प्रयास किया है।

माना जा रहा है कि खत के जरिये हर मतदाता तक पहुंचने के पीछे भाजपा के रणनीतिकारों की चिंता डैमेज कंट्रोल और संवाद साधने के साथ ज्यादा से ज्यादा मतदान कराने की कोशिश भी है।

रणनीतिकारों का मानना है कि ज्यादा मतदान होगा तो स्वाभाविक रूप से भाजपा को लाभ होगा। साथ ही खत के बहाने ही सही, भाजपा कार्यकर्ता कम से कम हर मतदाता के घर तक तो पहुंचेंगे।

जब पहुुंचेंगे तो घर वालों से बातचीत भी होगी। अगर कहीं कोई शिकवा-शिकायत होगी तो उसकी भी जानकारी मिलेगी। इसीलिए पार्टी मुख्यालय में बने वॉर रूम के जरिये इस काम की निगरानी की जा रही है।

वॉर रूम में तैनात लोग प्रत्येक क्षेत्र में प्रतिदिन औसतन सौ बूथों पर बातचीत करके चुनावी प्रबंधन का फीडबैक ले रहे हैं। साथ ही कार्यकर्ताओं की नाराजगी के बारे में भी जानकारी जुटा रहे हैं। इसके आधार पर स्थानीय जिला या क्षेत्र अभियान समितियों अथवा प्रदेश स्तर से लोगों को भेजकर उनको मनाने का काम किया जा रहा है।
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