मीडिया को सम्बोधित करते स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह (बीच में) व संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना।
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भाजपा ने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह की कंपनी पर कांग्रेस और एक न्यूज पोर्टल के आरोपों को बेबुनियाद बताया है। सोमवार को प्रदेश सरकार और भाजपा संगठन जय शाह के बचाव में उतर आया।
स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने पलटवार करते हुए कहा, कांग्रेस का दुर्भाग्य है कि उसके राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी आज भी डाइपर (नेपकिन) से बाहर नहीं निकलना चाहते, वे बच्चे ही बने रहना चाहते हैं। इसलिए बचकाने बयान जारी करते हैं। राहुल ने पूरी जानकारी की होती तो पता चलता कि वे जिस कंपनी पर आरोप लगा रहे हैं, वह अक्तूबर 2016 में ही बंद हो गई थी।
प्रदेश भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में सिद्धार्थनाथ ने कहा, द वायर और कांग्रेस ने जय शाह की कंपनी को 16000 गुना मुनाफा होना बताया है लेकिन वह टर्नओवर है। उन्होंने आरोप लगाया कि द वायर ने बड़ी चतुराई से जनता को भ्रमित करने के लिए तथ्यों को गलत ढंग से पेश किया है।
2015-16 में कंपनी का टर्नओवर 80.5 करोड़ दिखाया गया है जबकि उस वर्ष कंपनी को 1.48 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा में रॉबर्ट वाड्रा ने जमीन का जो सौदा किया था, उसमें उनका एक भी रुपये का निवेश नहीं था, लेकिन अंत में रॉबर्ट को 50 करोड़ का फायदा कैसे हुआ?
बचाव में भाजपा ने दिए ये तर्क
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उन्होंने कहा, नेशनल हेराल्ड केस में पांच हजार करोड़ की संपत्तियां को राहुल और सोनिया गांधी के 75 प्रतिशत शेयर वाली यंग इंडिया ने मात्र 50 लाख रुपये में कैसे ले लिया? उन्होंने कहा, जय शाह की कंपनी ने नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी से 25 करोड़ रुपये का लोन लिया है।
शाह ने कंपनी की संपत्तियां गिरवी रखकर लोन लिया है। दरअसल, कांग्रेस को लग गया है कि उसकी नैया डूब रही है, जनता ने उन्हें नकार दिया है। इसलिए जय शाह का मुद्दा उठाकर भाजपा पर हमला किया है। प्रदेश महामंत्री विजय बहादुर पाठक ने कहा, भाजपा पारदर्शिता में विश्वास करती है।
इसलिए बचाव में उतरी भाजपा
संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा, कांग्रेस के राष्ट्रीय पदाधिकारी मनीष तिवारी, प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर सहित अन्य वरिष्ठ नेता अमित शाह पर आरोप लगा रहे हैं। पार्टी अध्यक्ष के पक्ष में इसलिए पूरा संगठन सामने आया है ताकि कांग्रेस को उनके गलत आरोपों का सही जवाब दिया जा सके। कांग्रेस इस मुद्दे को तिल का ताड़ बनाकर अपनी खोई जमीन तलाशने का प्रयास कर रही है। न्यूज पोर्टल और कांग्रेस के आरोप निंदनीय और शर्मनाक हैं।