मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में रोज हो रहे जनहित के फैसलों और भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम से पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव हताश हो गए हैं।
वह चुनाव में मिली करारी हार की समीक्षा करने की बजाए ईवीएम मशीनों पर सवाल उठाकर जनादेश का मजाक उड़ा रहे हैं। शनिवार को भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता शलभ मणि त्रिपाठी ने एक बयान में यह बात कही।
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार, गुंडाराज और सत्ता पर कब्जे के लिए चले पारिवारिक झगड़े से त्रस्त सूबे की जनता ने अखिलेश को नकार दिया है। रही सही कसर योगी ने रिवर फ्रंट, एक्सप्रेस-वे और जेपीएनआईसी जैसे घोटालों व एलडीए में प्लॉटों का भू उपयोग बदलने के खेल की जांच शुरू कराकर पूरी कर दी है।
लगातार सामने आ रहे इन घोटालों के चलते अखिलेश हताश होकर एक बार फिर नए गठबंधन की बात करने लगे हैं। हालांकि, वह यह जानते हैं कि राहुल गांधी और उनके साथ को जनता पूरी तरह नकार चुकी है। ये दोनों तो अब जनता के बीच एक साथ जाने से भी घबरा रहे हैं।