राजधानी में दो मार्च को होने वाली नरेंद्र मोदी की रैली को यादगार बनाने के लिए भाजपा नेता व कार्यकर्ता जुट गए हैं।
जनता में जागरूकता फैलाने के लिए प्रभात फेरी, जुलूस, वाहन रैली, बैठक और नमो टी स्टाल के आयोजन शुरू हो गए हैं।
रविवार को शहरी व ग्रामीण दोनों इलाकों में पार्टी नेताओं ने रैली को सफल बनाने के लिए जोरशोर से प्रचार प्रसार शुरू कर दिया।
सीतापुर रोड स्थित त्रिवेणी नगर चौराहे पर रविवार सुबह पूर्व पार्षद मुन्ना मिश्रा की ओर से सुबह नौ से ग्यारह बजे तक नमो टी स्टाल लगाई गई। इसमें पार्टी नेता व कार्यकर्ताओं की अच्छी उपस्थिति रही।
टी स्टॉल भी लगाए गए
कई और जगह टी स्टाल लगाए गए। ऐशबाग वार्ड में पार्षद साकेत शर्मा, नगर निगम कार्यकारिणी उपाध्यक्ष रजनीश गुप्ता बाबी की अगुवाई में प्रभात फेरी निकाली गई।
सांसद लालजी टंडन के सोंधी टोला आवास पर पार्षद दल की बैठक हुई। इसमें प्रदेश भाजपा अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजेपयी भी शामिल हुए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा, रैली को सफल बनाना हम सबकी जिम्मेदारी है।
इसके अलावा पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा की बैठक शिवपार्क खदरा में मोर्चे के अध्यक्ष मोहम्मद नसीम की अध्यक्षता में हुई।
बैठक में महानगर अध्यक्ष मनोहर सिंह ने कहा कि अल्पसंख्यक हमेशा भाजपा के शासनकाल में सुरक्षित व सम्मानित रहे हैं। उन्होंने कहा, बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों से दो मार्च की रैली में चलने का अनुरोध किया जाए।
रैली में अल्पसंख्यकों पर खास नजर
भाजपा के प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी नरेंद्र मोदी की लखनऊ में दो मार्च को होने वाली शंखनाद रैली को अभूतपूर्व बनाने के लिए पार्टी ने पूरी ताकत झोंक दी है।
रैली में अल्पसंख्यकों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी खासा जोर दिया जा रहा है।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के उम्मीदवार सुधीर हलवासिया ने कहा, लोकसभा चुनाव में अल्पसंख्यकों को आगे बढ़ कर मतदान में हिस्सा लेना चाहिए ताकि देश का भविष्य और मजबूत हो सके और भाजपा के सुशासन से सभी धर्म के लोगों को लाभ पहुंचे।
उधर, बीकेटी और चिनहट में कार्यकर्ताओं ने वाहन रैली निकाली। इसमें पार्टी के बड़े नेता भी शामिल हुए। इस दौरान स्थानीय नेताओं ने कहा कि उनके क्षेत्र से अधिक संख्या में लोग रैली में जाएंगे।
रैली के लिए चलेंगी 27 ट्रेनें
रैली को सुपरहिट बनाने के लिए प्रदेश पार्टी इकाई ने केंद्रीय नेतृत्व के सहयोग से सूबे के 24 प्वाइंट से लखनऊ के लिए 27 स्पेशल ट्रेनें चलाने की व्यवस्था की है। सभी ट्रेनें पहली मार्च को तय स्टेशनों से कार्यकर्ताओं की भीड़ के साथ रवाना होंगी।
बीच में ठहराव नहीं होगा। हर ट्रेन के लिए औसतन साढ़े 11 लाख रुपये के हिसाब से तीन करोड़ रुपये से अधिक का किराए के मद में भुगतान रेलवे को किया गया है।
शंखनाद रैली के लिए चलने वाली इनमें से हर ट्रेन में औसतन 22 बोगियां होंगी। हर बोगी में न्यूनतम तीन सौ पार्टी कार्यकर्ता होंगे।
बरेली, अलीगढ़, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मथुरा, मेरठ और वाराणसी से दो-दो ट्रेनें चलेंगी जबकि सोनभद्र-मिर्जापुर, गोरखपुर, भटन, पनिहवां-सिसवां, देवरिया, बलिया, आजमगढ़, चित्रकूट, ललितपुर - झांसी, कासगंज और बुलंदशहर-खुर्जा से एक-एक ट्रेन चलेगी।
गाजियाबाद से भी दो ट्रेनें चलेंगी लेकिन उनमें से एक गौतमबुद्धनगर के कार्यकर्ताओं के लिए होगी।