भाजपा ने जालौन में दो सगी बहनों की लाश मिलने से क्षुब्ध लोगों पर पुलिसिया उत्पीड़न की निंदा की है। पार्टी प्रवक्ता डॉ. मनोज मिश्र ने कहा कि पूरा प्रदेश जल रहा है।
मूर्ति विसर्जन की ठीक व्यवस्था न होने पर जब लोगों ने विरोध किया तो पुलिस लाठी लेकर उन पर टूट पड़ी।
मुजफ्फरनगर में तीन लोगों की हत्या, मेरठ में धार्मिक शोभायात्रा में व्यवधान, आगरा में मूर्ति विसर्जन के दौरान 5 लोगों की डूबकर मरने की घटना और शाहजहांपुर में गर्भवती को हवालात में बंद करने की घटना प्रदेश सरकार और पुलिस के असली चेहरे को उजागर करती हैं।
भाजपा प्रवक्ता के अनुसार, अपराधियों से मोर्चा लेना तो पुलिस के वश में रहा नहीं। इसलिए वह जनता से मोर्चा लेने में जुट गई है।
नदी में उतराते मिले थे शव
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के जिला जालौन के उरई में अगवा की गईं दो सगी बहनों की हत्या कर उनके शवों को अलग-अलग बोरे में भरकर नून नदी में फेंक दिया गया था। शनिवार की दोपहर चरवाहों को पानी में उतराते बोरों से दुर्गंध आई तो पुलिस को सूचना दी।
बोरों में दो लड़कियों के शव देख सभी सन्न रह गए। एसपी राकेश शंकर फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट व स्वाट टीम के साथ मौके पर पहुंचे और साक्ष्यों को जुटाया। पिता ने पोस्टमार्टम हाउस में दोनों बेटियों की पहचान की। पुलिस हत्याकांड में कई बिंदुओं पर जांच करने की बात रही है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला रामनगर निवासी राजू शुक्ला मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते हैं। घटनाक्रम के मुताबिक बीते तीन सितंबर को राजू की बड़ी बेटी नीतू (17) घर से अचानक लापता हो गई थी।
पिता ने चार सितंबर को कुठौंद निवासी गौरव चतुर्वेदी के खिलाफ अगवा करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। करीब 14 दिन बाद पुलिस ने 18 सितंबर को नीतू को बरामद कर कोर्ट में पेश किया और पिता को सुपुर्द कर दिया था।
घर से उठा ले गए थे बेटियों को
इसके बाद 22 सितंबर को राजू ने कोतवाली पुलिस को फिर तहरीर दी कि देर रात तकरीबन 12 बजे गौरव चतुर्वेदी अपने अज्ञात साथियों के साथ उसके घर आया और उसे व उसकी पत्नी को नशीला पदार्थ सुंघा कर अचेत कर दिया।
घर पर अकेली उसकी बेटियों नीतू व वैशाली (15) को अगवा कर ले गया। अचेत पत्नी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चूंकि कुछ समय पहले पुलिस ने आरोपी पर अपहरण का मुकदमा दर्ज किया था, लिहाजा इस बार गुमशुदगी दर्ज कर परिजनों को टरका दिया।
करीब 12 दिन बाद दोनों के शव नून नदी में मिले तो सनसनी फैल गई। मृत लड़कियों के शरीर पर 22 सितंबर को पहने कपड़े ही मिले हैं। पिता ने आरोपी गौरव चतुर्वेदी पर ही बेटियों को अगवा करके हत्या कर शव नदी में फेंकने का आरोप लगाया है।
पहली घटना के बाद से आरोपी युवक फरार है। एसपी राकेश शंकर का कहना है कि घटना की कई बिंदुओं पर जांच की जा रही है।