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कुंभ के सहारे हिंदुत्व के एजेंडे को धार देने की तैयारी, संघ-भाजपा व मुख्यमंत्री ने किया मंथन

Fri, 03 Aug 2018 04:53 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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उत्तर प्रदेश सरकार कुंभ के सहारे सांस्कृतिक सरोकारों को परवान चढ़ाने में जुटी है। कोई कसर न रह जाए, इसके लिए लगातार मनन-मंथन का सिलसिला चल रहा है। कोशिश कुंभ के बहाने भारतीय संस्कृति व इतिहास की नई पीढ़ी को जानकारी देने और हिंदुत्व के एजेंडे पर भाजपा सरकार की प्रतिबद्धता का संदेश देने की भी है।

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सरकार इलाहाबाद का नाम प्रयाग करने का इरादा पहले ही सार्वजनिक कर चुकी है। अब कोशिश इन कामों को अमली जामा पहनाने की है। इसके लिए बृहस्पतिवार को यहां मुख्यमंत्री आवास पर सत्तापक्ष, भाजपा संगठन और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख लोगों ने मंथन किया।

इस विचार-विमर्श से निकले निष्कर्षों को जमीन पर उतारकर काम को आगे बढ़ाने के लिए इलाहाबाद के मंडलायुक्त और मेला अधिकारियों को भी शुक्रवार को लखनऊ बुलाए जाने की चर्चा है। कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इनसे खुद बात करके संघ व संगठन की अपेक्षाएं अधिकारियों के सामने रखकर उन्हें पूरी करने की जिम्मेदारी सौंपेंगे।

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संघ की चाहत यादगार हो कुंभ का आयोजन

संघ प्रमुख मोहन भागवत। - फोटो : PTI
लोकसभा चुनाव की तरफ बढ़ रहे समय को देखते हुए भगवा टोली कुंभ के सहारे हिंदुत्व के सरोकारों पर काम करने की प्रतिबद्धता का संदेश देना चाहती है। कुंभ में देश भर से लोग आते हैं, इसलिए भगवा टोली इस मौके को हिंदुत्व पर प्रतिबद्धता का संदेश देने के लिए ठीक तरह से इस्तेमाल करना चाहती है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ चाहता है कि कुंभ का आयोजन इतनी भव्यता और दिव्यता के साथ हो कि आने वालों के लिए यादगार हो जाए। इसीलिए भगवा टोली श्रद्धालुओं से लेकर साधुओं, संत-महात्माओं और अलग-अलग अखाड़ों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयारी चाहता है।

प्रधानमंत्री के हाथों हो सकता है प्रयागराज पट का लोकार्पण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : amar ujala
मंथन में कुंभ मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधापूर्वक संगम में स्नान पर जोर दिया गया। तय हुआ कि इलाहाबाद का नाम प्रयागराज करने की सरकारी स्तर पर सारी कार्यवाही पूरी कर ली जाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अक्तूबर में इलाहाबाद के प्रस्तावित दौरे के समय उनके हाथों ही प्रयागराज के शिलापट का लोकार्पण करा दिया जाए। प्रधानमंत्री के दौरे से पहले कुंभ से जुड़े अधिकतर काम पूरे कर लिए जाएं। नाम बदलने वाले शिलापट कहां-कहां लगने हैं, उसका भी खाका खींच लिया जाए।
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कुंभ के सहारे संतों को साधने की भी कोशिश

- फोटो : amar ujala
संघ और भाजपा संगठन की तरफ से अपेक्षा की गई कि सभी अखाड़ों, शंकराचार्यों और संत-महात्माओं की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर स्थानों का आवंटन कर दिया जाए। संत-महात्माओं की अपेक्षाओं पर तत्काल कार्रवाई करके उन्हें पूरा किया जाए ताकि कोई ऐसी बात न सार्वजनिक हो जिससे उनकी उपेक्षा का संदेश जाए।

बैठक में पिछले दिनों प्रयाग के दौरे पर गए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से बातचीत के दौरान संतों और अखाड़ा परिषद की तरफ से उनके सामने रखी गई अपेक्षाओं पर भी चर्चा हुई।

बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, भाजपा के राष्ट्रीय सह महामंत्री संगठन शिवप्रकाश और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्णगोपाल शामिल थे।
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