कांठ प्रकरण में दो माह तक जेल में बंद रहने वाले 60 भाजपाइयों का सम्मान करने के मामले में पार्टी रातोंरात बैकफुट पर आ गई। प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर उसने हाथ खींच लिए।
समारोह में प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी को भी शिरकत करनी थी लेकिन रात में ही पूरे कार्यक्रम में ही फेरबदल कर दिया गया। जुलाई में मुरादाबाद जनपद की कांठ तहसील के गांव अकबरपुर चैदरी में मंदिर से पुलिस प्रशासन द्वारा जबरन लाउडस्पीकर उतारने पर बवाल हो गया था।
पुलिस ने मुरादाबाद, अमरोहा, रामपुर, संभल और बिजनौर जनपद के 60 भाजपाइयों को गिरफ्तार कर जेल भेज था। करीब दो माह बाद कोर्ट से जमानत मिलने पर पिछले दिनों सभी रिहा हुए हैं। जेल से रिहा हुए भाजपाइयों के जोरदार स्वागत की योजना थी। एकाएक पांच अक्तूबर को शिवानी बैंक्वेट हाल में सम्मान समारोह की घोषणा कर दी गई।
समारोह की तैयारी मुकम्मल कर ली गईं और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी का आना भी तय हो गया था। लेकिन रातोंरात भाजपा बैकफुट पर आ गई और सम्मान समारोह से हाथ खींच लिए।