फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राम से जयश्री राम तक के नारों से नड्डा ने साधे समीकरण, समझाया सुख-दुख में शामिल होने का सियासी गुणा-भाग

Sat, 23 Jan 2021 10:22 AM IST
शाहरुख खान अखिलेश वाजपेयी, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
सांगठनिक विस्तार और चुनावी सफलता का एजेंडा लेकर लखनऊ आए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राम से लेकर जयश्री राम से समीकरण साधे। अलग-अलग हुई बैठकों और कार्यक्रमों में कार्यकर्ताओं को संवेदनाओं और सरोकारों पर काम करने के महत्व के समीकरण बताए। निर्देश, नसीहत व सचेत करते हुए उन्हें एक-दूसरे के सुख-दुख में शामिल होने का सियासी गुणा-भाग भी समझाया। 
विज्ञापन


उन्होंने न सिर्फ  डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं. दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी के नामों के सहारे सांस्कृतिक राष्ट्रवाद पर आगे बढ़ने का संदेश दिया, बल्कि शब्दों और संकेतों से इस एजेंडे को और धार देने की कोशिश की।

पार्टी के एजेंडे में शामिल रहे अयोध्या मुद्दे पर मिली सफलता और श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण की शुरुआत के घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए उन्होंने बूथ अध्यक्षों के कार्यक्रम में विपक्ष की भूमिका को कठघरे में खड़ा किया। कार्यक्रम में जिस तरह जय श्रीराम के नारों से गूंजा उससे यह साफ  हो गया कि नड्डा की सांकेतिक भाषा को कार्यकर्ताओं ने ठीक से समझ लिया है।
विज्ञापन


इस तरह की कोशिश
कार्यकर्ता से राष्ट्रीय अध्यक्ष तक पहुंचे नड्डा ने जवाबी नारों और शब्दों से कार्यकर्ताओं को यह संदेश दे दिया कि उनके मनोभाव और सरोकार से वे अलग नहीं है। नड्डा ने सीएम योगी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव और दोनों उप मुख्यमंत्रियों के साथ पार्टी मुख्यालय में एक कलाकार द्वारा लाई गई भगवान राम की प्रतिमा की पूजा-अर्चना कर इस संदेश को और गाढ़ा कर कार्यकर्ताओं तक पहुंचाया।
Trending Videos
विज्ञापन

नड्डा ने मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक से निजात, अनुच्छेद 370 का खात्मा और सीएए जैसे केंद्र सरकार के फैसले तथा अयोध्या के विकास और वहां सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार की तरफ  से हर साल मनाई जाने वाली दिवाली, मथुरा में होली तथा वाराणसी में देव दीपावली के कार्यक्रमों का उल्लेख कर यह समझाने की कोशिश की कि भाजपा सरकारें एजेंडे से इधर-उधर नहीं है।

सरोकारों का सियासी समीकरण
प्रबुद्ध वर्ग  के सम्मेलन में नड्डा ने यूपी को राम और कृष्ण से लेकर रविदास तक तमाम महापुरुषों की धरती बताते एक तरह से हिंदू समाज के सभी मतावलंबियों के सरोकारों से जुड़ने और उनके श्रद्धा के प्रति सम्मान का संदेश देने की कोशिश की। साथ ही कार्यकर्ताओं से लेकर विधायकों व सांसदों को एक-दूसरे की बहन व बेटी के विवाह में शामिल होने के साथ हाथ बंटाने और संकट में एक-दूसरे के साथ खड़े होने की सलाह देकर सरोकारों का सियासी गुणा-भाग समझाया।
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें