भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने दो टूक कहा कि पंचायत चुनाव के प्रत्याशी चुनने में सांसद और विधायक दखल न दें। चुनावी तैयारियों की कार्ययोजना समझाने और फीडबैक जुटाने दो दिन के दौरे पर लखनऊ आए नड्डा ने अभियान के दूसरे दिन कानपुर और अवध क्षेत्र के पार्टी सांसदों व विधायकों से बात की। आचार-व्यवहार सुधारने के साथ रिश्तेदारों व परिवार के लोगों को प्रतिनिधि न बनाने की नसीहत दी।
इस बैठक के बहाने नड्डा ने पार्टी के सभी सांसदों व विधायकों को पार्टी कार्यकर्ताओं और आम लोगों के साथ संपर्क व संवाद बढ़ाने की नसीहत दी। मंडल, सेक्टर और बूथ अध्यक्षों के घर जाने , उन्हें अपने घर भोजन पर बुलाकर जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ रिश्तों को सहज बनाकर चुनावी समीकरण दुरुस्त करने का सूत्र समझाया।
आम लोगों को तवज्जों दें...
नड्डा ने कहा कि कुछ सांसदों और विधायकों का आम लोगों के साथ व्यवहार सहज, शिष्ट और सौम्य नहीं दिखता। पार्टी को यह स्वीकार नहीं है। व्यवहार में शिष्टता व सौम्यता रखें। कोई आम आदमी मिलने आए तो उसे सम्मान दें। अपनत्व के साथ समस्या सुनें और समाधान का तत्काल प्रयास करें। किसी अधिकारी से बात करनी हो तो करें।
शादी-मुंडन में जाना जनसंपर्क नहीं
नड्डा ने कहा- कुछ सांसद-विधायक शादी व निमंत्रण में जाने को ही जनसंपर्क व जनसेवा समझने लगते हैं। इसे जनसंपर्क और जनसंवाद या दायित्व निर्वाह नहीं कहा जा सकता। यह चुनावी साल है। प्रतिदिन की कार्ययोजना बनाकर सरकार के कामों को आम लोगों तक पहुंचाने के लक्ष्य के साथ निकलें। लोगों की समस्याएं सुनें और समाधान करने के साथ विकास पर फोकस करें।