एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह। (फाइल)
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भाजपा के विधान परिषद सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर समूह 'ख' और 'ग' की सेवा नियमावली में परिवर्तन न करने की मांग की है।
उन्होंने लिखा है कि इस प्रस्तावित बदलाव में पहले पांच साल कार्मिकों को संविदा पर काम करना होगा। अगर ऐसा कोई परिवर्तन शासन या सरकार के सामने प्रस्तावित है, तो उसे निरस्त किया जाए। जिससे कि किसी अधिकारी को कर्मचारियों के शोषण का अधिकार न मिल सके और आम जनमानस में सरकार की छवि कर्मचारी विरोधी न बन पाए।
बता दें कि सरकार के इस प्रस्ताव का व्यापक जनविरोध हो रहा है। इस मसले पर कांग्रेस की यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि संविदा मतलब... नौकरियों से सम्मान विदा। उन्होंने इसे युवा अपमान कानून करार दिया है।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने पहले भी इस तरह के कानून पर अपनी तीखी टिप्पणी की है। इस सिस्टम को लाने का उद्देश्य क्या है? सरकार युवाओं के दर्द पर मरहम न लगाकर दर्द बढ़ाने की योजना ला रही है। बता दें कि अभी यह सिर्फ प्रस्ताव के स्तर पर ही है जिस पर सरकार फैसला लेगी।