फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: विधान परिषद चुनाव के लिए भाजपा के सभी 10 प्रत्याशियों ने भरा पर्चा, महेश चंद्र ने भी दाखिल किया नामांकन

Mon, 18 Jan 2021 02:41 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
नामांकन दाखिल करते भाजपा के प्रत्याशी। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

यूपी के विधान परिषद चुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशियों के नामांकन दाखिल करने के थोड़ी ही देर बाद कानपुर के महेश चंद्र शर्मा ने भी नामांकन दाखिल किया। इससे 12 सीटों पर होने वाला चुनाव रोचक हो गया है। बता दें कि सपा ने अहमद हसन व राजेंद्र चौधरी के रूप मे दो उम्मीदवार उतारे हैं। महेश चंद्र राज्यसभा चुनाव में भी  नामांकन दाखिल किया था। इनके पास प्रस्तावक नहीं है। भाजपा प्रत्याशियों के नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित पार्टी के कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

विज्ञापन


भाजपा प्रत्याशियों में उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, अरविंद कुमार शर्मा, लक्ष्मण आचार्य, गोविंद नारायण शुक्ला, कुंवर मानवेंद्र सिंह, सलिल विश्नोई, अश्वनी त्यागी, धर्मवीर प्रजापति और सुरेंद्र चौधरी शामिल हैं।

वहीं, पूर्व आईएएस अरविंद कुमार शर्मा के भाजपा प्रत्याशी बनाए जाने पर प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव ने कहा कि उन्होंने पार्टी के एक कार्यकर्ता के रूप में नामांकन दाखिल किया है। उनका कहां उपयोग किया जाएगा यह बाद में तय किया जाएगा।
विज्ञापन


गौरतलब है कि ए के शर्मा गुजरात कैडर के पूर्व आईएएस अधिकारी हैं। शर्मा ने गुजरात मे  तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के सचिव और 2014 से अब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय में सचिव जैसे अहम पदों पर भूमिका निभाई है। कयास लगाए जा रहे हैं कि प्रदेश सरकार में उनकी बड़ी भूमिका होगी।

परिषद की 12 सीटों के लिए हो रहे चुनाव के लिए 18 जनवरी को दोपहर 3 बजे तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे। 19 जनवरी को नामांकन पत्रों की जांच होगी। उम्मीदवार 21 जनवरी तक नाम वापस ले सकेंगे। इसके पहले सपा के दो उम्मीदवार नामांकन दाखिल कर चुके हैं।

विज्ञापन

हालांकि, उच्च सदन में सपा का ही बहुमत रहेगा

100 सदस्यीय विधान परिषद में सपा के अभी 55 सदस्य हैं। जिन 12 सीटों पर चुनाव हो रहा है, उसमें सपा के 6 सदस्य थे। उसे दो सदस्यों के जीतने का भरोसा है। ऐसे में सपा को 4 सदस्यों का नुकसान हो सकता है। 30 जनवरी के बाद उच्च सदन में सपा के 51 सदस्य रह जाएंगे। तब भी परिषद में बहुमत सपा का ही रहेगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें