फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सोम, राणा को जेल, हुकुम सिंह आजाद

Sun, 22 Sep 2013 01:45 AM IST
टीम डिजिटल/लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
खबर आ रही है कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मकांत बाजपेयी भी मुजफ्फरनगर पहुंच गए हैं। बताया जा रहा है कि वह दंगा पीड़ितों से मिलने गए हैं।
विज्ञापन


इसके पहले, मुजचौफ्फरनगर दंगे में थी गिरफ्तारी की खबर आई। पता चलजा कि गाजियाबाद बॉर्डर से भाजपा विधायक हुकुम सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया।

शाम को आईजी आरके विश्वकर्मा ने बताया कि हुकुम सिंह की गिरफ्तारी नहीं हुई है। यानी, अब भी हुकुम सिंह आजाद हैं, जबकि शुक्रवार शाम उन्होंने सरेंडर की कोशिश की थी।

तीसरी गिरफ्तारी हो शनिवार कुछ देर पहले ही हुई। यह शख्स हैं बसपा विधायक नूर सलीम राणा।

नूर और हुकुम दोनों पर दंगा भड़काने का आरोप है। हालांकि, यह जानकारी हासिल नहीं हुई है कि नूर का कहां से अरेस्ट किया गया है। नूर को भी रमेश राणा और संगीत सोम की तरह 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
विज्ञापन


गौरतलब है कि नूर की गिरफ्तारी के बाद अब भी 13 आरोपी नेता आजाद घूम रहे हैं। यूपी में दंगों के आरोप में कुल 16 नेताओं पर मुकदमा दर्ज किया गया था।

दिलचस्प बात यह है कि स्टिंग में हुए खुलासे के बावजूद सपा का एक भी नेता इसमें नामजद नहीं है।

इस बीच यह भी खबर आ रही है कि मुजफ्फरनगर दंगे भड़काने के आरोप में गिरफ्तार किए गए भाजपा विधायक सुरेश राणा को एसीएमजे कोर्ट-2 में पेश किया गया और वहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

शुक्रवार देर रात मजिस्ट्रेज के घर सुनवाई के बाद राणा को 20 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर भेज दिया गया था। भाजपा के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने जज के घर के बाहर ही जमावड़ा लगाए रखा।

इसके पहले, मुजफ्फरनगर दंगे के आरोपियों की गिरफ्तारी का दौर शुरू शुक्रवार से हो गया। सबसे पहली गिरफ्तारी भाजपा नेता सुरेश राणा की हुई। वह शामली के थाना भवन से भाजपा के विधायक हैं।

सुरेश राणा पर दंगे के दौरान लोगों की भावना भड़काने, उन्हें हिंसा के लिए उकसाने, सरकारी काम में बाधा डालने, धारा 144 का उल्लंघन करने के आरोप में मुकदमा दर्ज था। यह मुकदमा धारा 188, 153 क, 353, 435 व 7 क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट के तहत दर्ज था।

फोटो में देखिए, राणा की गिरफ्तारी का ड्रामा

राणा को स्पेशल टास्क फोर्स ने शुक्रवार शाम गिरफ्तार किया। सत्र की आखिरी बैठक के बाद राणा विधानसभा के सामने स्थित भाजपा कार्यालय गए। वहां से वह गोमतीनगर जा रहे थे कि रास्ते में एसटीएफ ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी हजरतगंज इलाके में की गई, लेकिन बाद में उन्हें गोमतीनगर थाने ले जाया गया।

जानकारी के मुताबिक, राणा को गोमती नगर थाने से मीराबाई मार्ग स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में ले जाया गया। गिरफ्तारी के बाद राणा ने कहा, 'मैं भगौड़ा या अपराधी नहीं हूं। अपराधियों की तरह मेरी गिरफ्तारी सरासर गलत है।'

गौरतलब है कि दो दिनों से गिरफ्तारी की आशंका जताई जा रही थी। हुआ भी ठीक वही। शुक्रवार को विधानसभा सत्र समाप्त होते ही गिरफ्तारी का सिलसिला शुरू हो गया। इसके पहले सपा नेता अंबिका चौधरी ने इस बात के संकेत भी दे दिए थे।

उन्होंने सदन की कार्यवाही से निकलते ही कहा था कि दंगों के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

लेकिन, हुकुम सिंह को नहीं किया गिरफ्तार
इसी मामले में नामजद भाजपा विधायक हुकुम सिंह राणा से मिलने गोमतीनगर थाने पहुंचे, लेकिन बाहर से ही वापस चले गए। पुलिस को इसकी जानकारी होने के बावजूद उनकी गिरफ्तारी के कोई प्रयास नहीं किए गए। हालांकि, अफसरों का दावा है कि बाकी विधायकों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास हो रहा है।

गिरफ्तारियों से भाजपा होगी मजबूत
राणा की गिरफ्तारी पर भाजपा ने विरोध शुरू कर दिया है। प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने कहा कि गिरफ्तारियों से भाजपा और मजबूत होगी। उन्होंने यह भी कहा कि एक नहीं 10 नेताओं की गिरफ्तारी की जानी चाहिए।

उन्होंने राज्य सरकार की नीयत पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि जब 16 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज है, तो सिर्फ हमारे एक विधायक को क्यों गिरफ्तार किया गया। यह भी खबर है कि वह स्टेट गेस्ट हाउस भी पहुंच गए। इस दौरान यह भी खबर आ रही है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह भी कल मुजफ्फरनगर का दौरा करेंगे।

मुजफ्फरनगर दंगे में मेरी कोई भूमिका नहीं: सुरेश राणा
सत्ता पक्ष की टोकाटाकी के बीच मुजफ्फरनगर दंगों के आरोपी भाजपा के सुरेश राणा ने सदन में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि इसमें उनकी कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दंगों के पीछे सपा के लोगों का हाथ था।

राणा ने कहा कि जिस महापंचायत में उनके भड़काऊ भाषण की बात कहकर मुकदमा दर्ज कराने की बात कही जा रही उसकी कोई सीडी या अन्य साक्ष्य हो तो वह कोई भी दंड भुगतने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर के एक वरिष्ठ सपा नेता ने स्पष्ट रुप से कहा है कि इन दंगों में दो मंत्री शामिल हैं।
विज्ञापन


ये भी हैं आरोपी
मुकदमे में सुरेश राणा के साथ खैराना से भाजपा विधायक हुकुम सिंह, सरधना से भाजपा विधायक संगीत सोम और बिजनौर के भाजपा विधायक भारतेंदु सिंह के अलावा भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत, राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत, रालोद के जिला अध्यक्ष अजीत राठी, पूर्व भाजपा विधायक अशोक कंसल, पूर्व सांसद सोहनवीर सिंह, पूर्व विधायक प्रदीप बालियान समेत 40 से अधिक लोग नामजद किए गए थे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें