उत्तर प्रदेश में ऊर्जा विभाग 24 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा कर रहा है। लेकिन, सिकंदराबाद से भाजपा विधायक लक्ष्मीराज सिंह ने इसे झूठा बताया है। विधायक का आरोप है कि सिकंदराबाद के आसपास 15 दिन से बिजली ठप है। सपा विधायक अतुल प्रधान ने भी सोमवार को बिजली कटौती के खिलाफ धरना दिया। पूर्वांचल के जनप्रतिनिधि भी बिजली व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।
ऊर्जा विभाग का दावा है कि ग्रामीण इलाके में 18 घंटे, तहसील मुख्यलाय पर 21.30 घंटे, जिला मुख्यालय पर 24 घंटे और बुंदेलखंड में 20 घंटे बिजली आपूर्ति का रोस्टर है। हर दिन रोस्टर से 15 से 20 मिनट अतिरिक्त बिजली आपूर्ति का भी दावा किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि समस्याओं के निराकरण व फुंकने वाले ट्रांसफार्मरों को 24 घंटे में बदलने के निर्देश दिए गए हैं।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने आरोप लगाया कि पूर्वांचल और मध्य यूपी के जिलों में बिजली कटौती से लोग परेशान हैं। ग्रामीण इलाके में तीन से चार घंटे ही बिजली मिल रही है। पूर्वांचल में ज्यादातर लघु एवं सीमांत किसान हैं। वे पंपसेट से सिंचाई करते हैं। बिजली नहीं होने से सब्जी की खेती सूख रही है। किसान आंसू बहा रहे हैं और ऊर्जा मंत्री चैन की बंशी बजा रहे हैं।
सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने बिजली व्यवस्था चौपट कर दी है। इस सरकार ने अपने 8 साल के कार्यकाल में बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए कोई नया पॉवर प्लांट नहीं लगाया। पारेषण के क्षेत्र में भी काम नहीं हुआ, जिससे ट्रांसफॉर्मर फुंक रहे है। अघोषित कटौती हो रही है।