लखनऊ। सुल्तानपुर रोड स्थित एलडीए की आईटी सिटी योजना में सोमवार से जमीन पर काम शुरू हो गया। इसे दीपावली पर लॉन्च किया जाएगा।
योजना में 188 एकड़ में सेंट्रल पार्क और गोल्फ कोर्स बनेगा। इसके लिए ग्रीन बेल्ट की जमीन चिह्नित की जा रही है। दो लाख से अधिक लोगों को यहां आवासीय सुविधा मिलेगी।
एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि सुल्तानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग व किसान पथ के बीच 2858 एकड़ में आईटी सिटी बसेगी। इसके लिए मोहनलालगंज तहसील के ग्राम-बक्कास, सोनई कंजेहरा, सिकंदरपुर अमोलिया, सिद्धपुरा, परेहटा, पहाड़नगर टिकरिया, रकीबाबाद, मोहारी खुर्द, खुजौली और भटवारा की जमीन ली जाएगी। योजना में 72 से 200 वर्गमीटर के पांच हजार आवासीय भूखंडों के अलावा ग्रुप हाउसिंग के बड़े भूखंड भी मिलेंगे।
औद्योगिक, व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा
आईटी सिटी को ऐसे विकसित किया जाएगा, जिससे ज्यादा से ज्यादा निजी निवेश आए। इसके लिए 445.65 एकड़ औद्योगिक क्षेत्र व व्यावसायिक गतिविधियों के लिए 260 एकड़ क्षेत्रफल आरक्षित किया जाएगा। इससे औद्योगिक व व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसर पैदा होंगे। 200 एकड़ ग्रीन बेल्ट के बड़े भाग में गोल्फ सिटी बनाई जाएगी। 15 एकड़ में फैली वाटर बॉडी योजना को पर्यावरण के अनुकूल बनाएगी।
किसानों ने खुद भूमि पूजन करके सौंपी मिट्टी
संयुक्त सचिव सुशील प्रताप सिंह के नेतृत्व में टीम ने सोमवार को मोहारी खुर्द व मोहारी कला गांव की 200 बीघा भूमि पर एक साथ कब्जा लेते हुए दो सेक्टरों के विकास का काम शुरू कराया। मौके पर किसान-भूस्वामी भी मौजूद रहे। किसानों ने खुद भूमि पूजन करके अधिकारियों के हाथों में मिट्टी सौंपी।
लैंड पूलिंग से किसानों को कई गुना फायदा
संयुक्त सचिव ने बताया कि लैंड पूलिंग से योजना के लिए जमीन देने वाले किसानों को कई गुना लाभ होगा। मोहारी खुर्द गांव में जमीन का डीएम सर्किल रेट करीब आठ लाख रुपये बीघा है। ऐसे में प्रतिकर के रूप में चार गुना मुआवजा दिए जाने पर भी किसान को 32 लाख रुपये ही मिलते। लैंड पूलिंग नीति में शतप्रतिशत भूमि निशुल्क देने वाले किसान को योजना में 25 प्रतिशत विकसित आवासीय भूमि दी जाएगी। एक बीघा में करीब 6800 वर्गफुट विकसित जमीन किसान को मिलेगी। इसकी कीमत तीन करोड़ रुपये से अधिक होगी।