बांदा के तिंदवारी से भाजपा विधायक बृजेश प्रजापति ने अपनी ही सरकार के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन्होंने बांदा के खनन अधिकारी व अन्य अधिकारियों पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने, लोगों को झूठे मुकदमे में फंसाने, खनन अधिकारी द्वारा अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया।
विधायक ने आरोप लगाया कि पूरे प्रदेश में भ्रष्ट अधिकारियों का सिंडीकेट तैयार हो गया है जो भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने में एक-दूसरे की मदद कर रहा है। उन्होंने राज्यपाल से इन अधिकारियों की संपत्ति की जांच कराने तथा यूपीकोका के तहत इनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बृजेश ने कहा, इस सिंडीकेट में कुछ बड़े अधिकारी, माफिया और कुछ सफेदपोश भी शामिल हैं।
विधायक पर दर्ज हुआ मुकदमा तो लगाई आरोपों की झड़ी
विधायक ने कहा कि बांदा में ट्रक और ट्रैक्टर से अवैध खनन करने वालों पर मुकदमे नहीं दर्ज कराए जाते बल्कि खनन अधिकारी शैलेंद्र सिंह द्वारा अभियान चलाकर ई-रिक्शा, साइकिल और मोटर साइकिल पर एक-दो बोरी बालू लेकर जाने वालों के खिलाफ अवैध खनन का आरोप लगाते हुए मुकदमे दर्ज कर लिए गए थे। उन पर भारी जुर्माना भी लगाया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रति ई-रिक्शा 1500 रुपये प्रति सप्ताह की मांग खनन अधिकारी कर रहे थे, जिसकी शिकायत उन्हें मिली थी। गौरतलब है कि बृजेश प्रजापति पर खनन अधिकारी शैलेंद्र सिंह ने मारपीट करने और 25 लाख रुपये मांगने का आरोप लगाया था। इस पर विधायक ने कहा कि नौ अक्तूबर को उनके खिलाफ मनगढ़ंत और झूठी एफआईआर दर्ज कराई गई।