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फर्जी बस टिकट से रोडवेज को ‘लूटने’ वालों की होगी कुर्की, 51 अफसरों-कर्मियों पर गिरेगी गाज

Sun, 14 Oct 2018 02:01 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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अलीगढ़, आगरा और मथुरा में फर्जी बस टिकट से रोडवेज (परिवहन निगम) को ‘लूटने’ वालों ने जो अकूत संपत्ति एकत्र की, उसकी कुर्की होगी। फर्जी बस टिकट के खेल में शामिल परिवहन निगम के ऐसे 51 अफसरों एवं कर्मियों की चल-अचल संपत्ति की कुर्की के बाद उसे नीलाम करके जो रकम हासिल होगी, वह परिवहन निगम के खजाने में जमा होगी। 
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इसके लिए जांच समिति इन अफसरों व कर्मचारियों की संपत्ति का ब्योरा जुटा करके मुख्यालय में रिपोर्ट फाइल कर रही है। अलीगढ़, आगरा एवं मथुरा में तैनात रहे कुछ अफसरों व कर्मियों के  भ्रष्टाचार की शिकायत कई प्रबंध निदेशकों से की जा चुकी है, जिसमें उनकी संपत्ति का विवरण दर्ज है।     

हमलावरों पर लगेगा गैंगस्टर
एसटीएफ की टीम पर फर्जी बस टिकट के खेल को पकड़ने के दौरान बस में जानलेवा हमला करने वाले परिवहन निगम कर्मियों और बाउंसर पर गैंगस्टर व गुंडा एक्ट लगने की तैयारी चल रही है। इस आशय के प्रस्ताव संबंधित थानेदार तैयार कर रहे हैं, जहां पुलिस केस दर्ज हुए हैं। 
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सालाना छह करोड़ की चपत

परिवहन निगम की उच्च स्तरीय जांच में पाया गया कि अलीगढ़, आगरा एवं मथुरा जिले में फर्जी बस टिकट के खेल से रोडवेज को सालाना छह करोड़ रुपये की चपत लगी है। यानी हर महीने अफसर और कर्मचारी 55 से 60 लाख रुपये अपनी जेब में भर रहे थे। इस रकम का मोटा हिस्सा लखनऊ स्थित मुख्यालय के अफसरों को भी पहुंच रहा था। 
 
एसटीएफ ने तलब की तीन की कुंडली 
यात्रियों को फर्जी टिकट देकर किराया जेब में रखने के खेल की शुरुआत करने वाले एक अफसर समेत तीन की कुंडली एसटीएफ ने तलब की है। इनमें मुख्यालय पर तैनात दो अफसर और एक क्षेत्रीय प्रबंधक शामिल हैं। एसटीएफ के पास इनमें से दो अफसरों की बातचीत की रिकॉर्डिंग भी है, जो छापामारी से पहले सर्विलांस के जरिये रिकॉर्ड की गई थी।  

इस सबंध में एसटीएफ के एसएसपी अभिषेक सिंह ने कहा कि फर्जी बस टिकट के आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत केस दर्ज करने की कार्रवाई चल रही है। इस केस के दर्ज होने पर आरोपी द्वारा घपला करके एकत्र की गई संपत्ति को जब्त यानी कुर्क करने का प्रावधान है।
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