विधानसभा उपचुनाव में हार के कारणों पर भाजपाई 23 को चिंतन करेंगे।
इसके लिए उपचुनाव में तैनात सभी प्रभारियों की पूरी रिपोर्ट के साथ लखनऊ बुलाया गया है।
इनके साथ क्षेत्र, जिला व संबंधित स्थान के कुछ अन्य प्रमुख लोगों को भी बुलाया गया है।
रिपोर्ट में स्थानीय नेताओं की भूमिका, जनता का रुझान और लगाए गए सांसदों के बारे में भी जानकारी मांगी गई है। माना यह भी जा रहा है कि यह बैठक संघ की 28 को हो रही बैठक के मद्देनजर बुलाई गई है।
दरअसल, विधानसभा उपचुनाव के नतीजों से भाजपा को करारा झटका लगा है। सबसे ज्यादा परेशान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी और उनके कुछ खास लोग तथा प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल हैं।
वजह है कि उपचुनाव में पार्टी की रणनीति इन्हीं लोगों ने तय की थी। प्रत्याशियों का फैसला करने वालों में यही नेता शामिल थे।
किसी को यह उम्मीद नहीं थी कि विधानसभा की 11 में सिर्फ तीन सीटें ही जीतने को मिलेंगी। इसलिए यह लोग चाहते हैं कि जल्दी से जल्दी सीटों की समीक्षा करके पराजय के कारणों की जानकारी प्राप्त कर ली जाए।