वहीं केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी ने कुछ दिन पहले लखीमपुर खीरी में किसानों को उकसाने वाला बयान दे दिया। इसके बाद रविवार को किसानों पर गाड़ी चढ़ाए जाने की घटना ने एक बार फिर किसान आंदोलन की बुझती आग में घी डाल दिया।
सियासी जानकारों का मानना है कि सीतापुर के विधायक शशांक त्रिवेदी, बलिया के विधायक सुरेंद्र सिंह, मुगलसराय से विधायक साधना सिंह सहित अन्य सांसद और विधायक भी अपनी बेतुकी बयानबाजी के कारण समय-समय पर सरकार व संगठन के लिए मुश्किल खड़ी करते रहे हैं।
वरुण गांधी भी दे रहे हवा
पीलीभीत के सांसद वरुण गांधी भी समय-समय पर पत्र लिखकर किसानों के आंदोलन को हवा देने में पीछे नहीं हैं। वरुण गांधी ने सरकार व संगठन की लाइन से अलग हटकर बीते दिनों किसानों के समर्थन में मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था।