सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा प्रशासन पर सरकार के इशारे पर मतगणना में गड़बड़ी का आरोप लगाने पर ईवीएम पर घमासान शुरू हो गया है। सपा अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं को मतगणना पूरी हो जाने पर मतगणना केंद्रों पर डटे रहने की हिदायत दी है। उन्होंने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस कर तीखे आरोप लगाते हुए कहा था कि मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव जिलाधिकारियों को फोन कर आदेश दे रहे हैं कि मतगणना में जहां भाजपा प्रत्याशी हार रहे हों या अंतर पांच हजार से कम हो, वहां धीमी गति से गणना करवाई जाए। अखिलेश यादव ने दावा किया था कि उनके पास पुख्ता सबूत हैं अगर चुनाव आयोग ने इस पर सबूत मांगा तो उसे उपलब्ध कराएंगे।
अखिलेश यादव के आरोप पर भाजपा सरकार में मंत्रियों ने उन पर पलटवार किया है। केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने तंज कसते हुए कहा है कि ईवीएम विलाप मंडली का हार से पहले हाहाकार शुरू हो गया है। कभी इन्होंने चुनाव आयोग पर सवाल खड़े किए, कभी अधिकारियों पर सवाल खड़े किए। उनको कभी इस बात का अहसास ही नहीं हुआ कि जनता उनके साथ क्या करने वाली है।
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री मोहसिन रज़ा ने कहा कि ईवीएम पर सवाल उठाकर वे (अखिलेश यादव) अपनी हार को स्वीकार कर रहे हैं। उ.प्र. में माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है। ये लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि उत्तर प्रदेश में ‘एमवाई- मोदी, योगी’ फैक्टर से प्रचंड बहुमत के साथ भाजपा की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा, जनता ने सपा को कर दिया है दफा, इसलिए अखिलेश यादव दस मार्च से पहले ही कहने लगे हैं ईवीएम बेवफा।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अखिलेश यादव को विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल में सपा की करारी हार नजर आ गई है। इसकी बौखलाहट व घबराहट में अखिलेश यादव निर्वाचन आयोग और अधिकारियों पर अनर्गल आरोप लगा रहे हैं।
ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा बोले- पूर्ण बहुमत से बन रही है सरकार
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री समेत हमारा कोई भी मंत्री लखनऊ में ज्यादा दिन नहीं रहे। हमने पूरे प्रदेश में दौरे किए हैं, हर ज़िले में जाकर अपने विभागों की समीक्षा की है। इसी का परिणाम है कि बहुमत से भाजपा की सरकार बन रही है।
मामले पर लखनऊ के पुलिस आयुक्त डी के ठाकुर ने कहा कि ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम में रखी गई हैं। आंतरिक सुरक्षा के लिए सीआईएसएफ लगाई गई है। बाहरी सुरक्षा सिविल पुलिस के हाथ में है। पारदर्शिता के लिए सीसीटीवी लगाए गए हैं। मतगणना के लिए सभी मतगणना कक्षों में सीआरपीएफ की टुकड़ियां लगाई जा रही हैं।