भूमि विवाद में मंगलवार की रात छोटी बहन के साथ बाजार गए भाजपा नेत्री के बेटे की पिटाई के बाद गोली मारकर हत्या कर दी गई। हमलावर शव को एक कमरे में बंद कर फरार हो गए। परिवारीजनों की सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने कमरे का ताला तोड़कर शव को बाहर निकाला।
फॉरेंसिक टीम ने घटना स्थल से नाइन एमएम और 32 बोर के तीन खोखे बरामद किए हैं। मृतक की मां की तहरीर पर पुलिस ने ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष समेत सात लोगों के खिलाफ हत्या व साक्ष्य मिटाने का केस दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों ने घटना स्थल का मुआयना किया है। तनाव को देखते हुए कस्बे में पुलिस व पीएसी को तैनात किया गया है।
अमेठी शहर के तोपखाना मोहल्ला निवासी ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष बृजेंद्र शुक्ल पुत्र शंभूनाथ शुक्ल ने छह माह पहले मुंशीगंज मार्ग पर स्थित एक भूमि का बैनामा लिया था। खरीदी गई भूमि पर महमूदपुर गांव की रहने वाली भाजपा नेत्री (पूर्व उपाध्यक्ष भाजपा महिला मोर्चा) शिव कुमारी सिंह के बेटे संदीप उर्फ अजीत प्रताप सिंह पुत्र स्व. हरिनाम सिंह गैरेज चलाता था।
बृजेंद्र शुक्ल ने संदीप से कई बार गैरेज खाली करने के लिए कहा था लेकिन भूखंड खाली नहीं किया। इसे लेकर एक माह पहले दोनों पक्षों में मारपीट हुई थी। मंगलवार की रात करीब 10 बजे संदीप अपनी छोटी बहन अमिता के साथ पनीर खरीदने के लिए स्टेशन रोड पर स्थित एक दुकान पर गया था।
तभी संदीप के गैरेज में काम करने वाले सुहैल और मैसर उसे मिल गए। दोनों को संदीप चाय पिलाने के लिए राजर्षि तिराहे के पास स्थित एक दुकान पर पहुंचा। इसी दौरान बृजेंद्र शुक्ल कई लोगों के साथ वहां पहुंच गया। बृजेंद्र और संदीप के बीच कहासुनी के बाद मारपीट होने लगी। मारपीट के दौरान अमिता भागकर घर पहुंची और मां शिवकुमारी को जानकारी दी।
मिला संदीप का शव
बेटे पर हमले की सूचना पाते ही शिव कुमारी पुलिस के साथ घटना स्थल पर पहुंच गई लेकिन राजर्षि तिराहे के पास कोई नहीं मिला। इस बीच पुलिस कर्मियों की नजर सड़क पर पड़े खून के छीटे पर पड़ी। पुलिस खून के छीटे के निशान पर राजर्षि तिराहे के निकट नरसिंह नारायण दुबे के मकान पर पहुंची।
पुलिस मकान के तीसरे तल पर पहुंची तो उसे कमरा बंद मिला। पुलिस कर्मियों ने कमरे का ताला तोड़ा तो अंदर खून से सना संदीप सिंह का शव पड़ा था। संदीप के सिर में गोली मारी गई थी। हत्या की सूचना पाते ही एसपी हीरालाल, एएसपी मुन्नालाल फॉरेंसिक टीम के साथ वहां पहुंच गए।
फारेंसिक टीम व क्राइम ब्रांच ने घटना स्थल से 32 बोर तथा एक नाइन एमएम का खोखा बरामद किया है। पुलिस ने मृतक की मां शिवकुमारी की तहरीर पर बृजेंद्र शुक्ल, धर्मेंद्र शुक्ल, जितेंद्र शुक्ल, शैलेंद्र शुक्ल पुत्रगण शंभूनाथ शुक्ल निवासी तोपखाना मोहल्ला, संदीप दूबे निवासी पूरब गांव, राजेश अग्रहरि व जितेंद्र अग्रवाल उर्फ सतई निवासी रायपुर फुलवारी कोतवाली अमेठी के खिलाफ हत्या व साक्ष्य मिटाने के अभियोग में मुकदमा दर्ज किया है।
शहर में तनाव को देखते हुए एसपी ने पीएसी के साथ ही पुलिस को तैनात किया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। एसपी हीरालाल ने बताया कि संदीप सिंह की हत्या भूमि विवाद में हुई है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
दोनों पक्षों से चली गोली
राजर्षि तिराहे के पास मंगलवार की रात हुई हत्या मामले में कुछ लोगों ने दोनों पक्षों से फायरिंग किए जाने की बात कही है। लोगों की मानें तो संदीप सिंह ने भी गोली चलाई थी। संदीप की गोली से बृजेंद्र शुक्ल पक्ष से संदीप दुबे निवासी पूरब गांव को गोली लगी थी। बृजेंद्र उसे लेकर चला गया था। हालांकि इसकी पुष्टि न तो पुलिस कर रही है और न ही कोई सामने आया है।
शहर के तोपखाना मोहल्ला निवासी ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष बृजेंद्र शुक्ल पुत्र शंभूनाथ शुक्ल राजर्षि तिराहे के समीप नरसिंह नारायण दुबे के मकान के निचले हिस्से में बीयर शॉप चलाते हैं जबकि बृजेंद्र शुक्ल का छोटा भाई जितेंद्र शुक्ल ने इसी बिल्डिंग के तीसरे तल पर एक कमरा किराए पर लिया है। इसी कमरे में हत्या के बाद शव बंद किया गया था।
जमीन बनी संदीप की मौत की वजह
स्थानीय कोतवाली क्षेत्र के महमूदपुर निवासी संदीप सिंह पुत्र स्व. हरिनाम सिंह क्षेत्र के पीठीपुर निवासी राम लखन तिवारी की भूमि पर अवैध रूप से गैरेज चलाता था। पूर्व में राम लखन तिवारी ने संदीप सिंह के खिलाफ केस भी दर्ज कराया था।
पुलिस ने राम लखन को जमीन पर कब्जा भी दिलाया था लेकिन बाद में संदीप दोबारा जमीन पर कब्जा कर गैरेज चलाने लगा। थक-हारकर राम लखन तिवारी ने ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष बृजेंद्र शुक्ल को करीब चार बिस्वा जमीन बेचकर अपना पल्ला झाड़ लिया था।
हत्या के बाद तनाव को देखते हुए एसपी ने सर्किल क्षेत्र के सभी थानों की फोर्स मंगलवार रात में ही बुला ली थी। बुधवार सुबह होते ही शहर में पीएसी व पुलिस तैनात कर दी गई। शहर में आने-जाने वाले हर शख्स पर पुलिस निगाह रख रही है।