मऊ में हुए दंगों को लेकर विरोध प्रदर्शन के दौरान तोड़-फोड़ करने के मामले में भाजपा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष संभल निवासी राजेश सिंहल ने एमपीएमएलए कोर्ट में हाजिर होकर अपने खिलाफ जारी वारंट वापस करा लिया है। विशेष एसीजेएम अम्बरीश श्रीवास्तव ने मामले में सुनवाई के लिए चार जनवरी की तारीख तय की है।
पत्रावली के मुताबिक हजरतगंज के तत्कालीन थाना प्रभारी दिग्विजय सिंह ने 22 जनवरी 2005 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि मऊ जिले में हुए दंगों के विरोध में भाजयुमो के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष अशोक कटारिया के नेतृत्व में करीब 600 कार्यकर्ता लक्ष्मण मेला से विधानसभा का घेराव करने निकले। कार्यकर्ताओं ने पुलिस के समझाने के बाद भी सांप्रदायिक नारे लगाना बंद नहीं किया।
इसी बीच कुछ लोगों ने पुलिस पर पटाखे, देसी बम और ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया। इससे अफरातफरी मच गई। पुलिस ने अशोक कटारिया समेत 68 लोगों को गिरफ्तार कर पुलिस लाइन भेज दिया।
मामले की जांच के बाद अशोक कटारिया और राजेश सिंघल समेत 16 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। इस मामले में सिंहल कोर्ट में हाजिर नहीं हो रहे थे। इसलिए कोर्ट ने उनके खिलाफ वारंट जारी कर रखा था।