पूर्व मुख्यमंत्री ने तंज कसा कि सड़कों के गड्ढे भरने में पूरी तरह नाकामयाब रहे मंत्री गंगा सफाई का दावा करने लगे हैं। गंगा यात्रा में भीड़ जुटाने के लिए सरकारी धन पानी की तरह बहाया जा रहा है, लेकिन गंगा किनारे बसे केवटों, गोताखोरों के हित के लिए एक शब्द भी नहीं कहा जा रहा।
गोशालाओं में जाकर गायों को गुड़-चना खिलाने वालों के पास इसका क्या जवाब है कि सरकारी गोशालाओं में गाय कैसे दम तोड़ रही हैं। गोमाता और गंगा मइया भाजपा के कारण संकट में हैं। नमामि गंगे में धन तो बह रहा है, पर गंगा की धारा अविरल और निर्मल नहीं हो पा रही है।