अखिलेश ने कहा, सच तो यह है कि सपा के कामों का श्रेय लेने के लिए जनता के बीच भाजपा ने उद्घाटन का नाम बदल कर शुभारंभ कर दिया है। भाजपा भूले नहीं कि काम न करना पाप है तो अपनी अकर्मण्यता पर पर्दा डालना महापाप। जनता से जो वादे किए थे उनको न निभाना भी भ्रष्टाचार है।
उन्होंने कहा, भाजपा बड़ी कुर्बानियों से मिली आजादी को निरर्थक बनाने के षड्यंत्र में जुटी हुई हैं। उन्होंने आजादी के आंदोलन के साथ जो मूल्य स्थापित किए गए थे उनको तिलांजलि दी जा रही है।