बापू भवन के पास आत्मदाह की सूचना मिलते ही हुसैनगंज और हजरतगंज थाने की पुलिस भी पहुंच गई। आननफानन झुलसे अमित कुमार को सिविल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर बनी हुई है। चिकित्सकों के मुताबिक, हाथ, पैर और पेट का हिस्सा जल गया है।
युवक के खिलाफ पहले से चल रही जांच
अमित के खिलाफ बीते सात अगस्त को चौपटिया निवासी जितेंद्र चौरसिया ने काकोरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जितेंद्र का आरोप है कि वर्ष 2013 में उसने अमित से फतेहगंज इलाके में दो प्लॉट खरीदा था। उसने रुपये देकर प्लॉट की रजिस्ट्री भी करवाई थी।
इसके बावजूद अमित ने प्लॉट पर कब्जा नहीं दिया। जितेंद्र जब प्लॉट पर निर्माण करवाने पहुंचा तो अमित ने उसके साथ मारपीट करते हुए धमकी दी। काकोरी पुलिस ने अमित के खिलाफ मुकदमा दर्ज की थी और जांच चल रही है।
रुपये न देने का आरोप: आत्मदाह का प्रयास करने वाले अमित का आरोप है कि उसने जितेंद्र के हाथ जमीन बेची थी पर जितेंद्र से जमीन के लिए जो रुपये तय हुए थे उतने रुपये नहीं दिए। इसी से वह कब्जा नहीं दे रहा था। किसान का आरोप है कि जितेंद्र अपने लोगों के साथ मिलकर जबरन उसकी जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया था। कई बार शिकायत की गई पर पुलिस ने उसकी कोई मदद नहीं की। एसएसपी कलानिधि नैथानी ने आत्मदाह की कोशिश के मामले की जांच का आदेश एएसपी पूर्वी को दिए है।
एसएसपी कलानिधि नैथानी के मुताबिक, बापू भवन के सामने आत्मदाह करने का प्रयास के मामले में पुलिस ने हुसैनगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया है। एसएसपी के मुताबिक बापू भवन के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल की गई। तो सामने आया कि अमित अपने सहयोगी बंथरा के पिपरसंड निवासी धर्मेंद्र सिंह के साथ आया था। उसी ने बाइक से बापू भवन पहुंचाया। आत्मदाह के लिए उकसाया था। फुटेज के आधार पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने धर्मेंद्र सिंह के खिलाफ आत्मदाह के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया है। वहीं अमित कुमार पर काकोरी, पारा, वजीरगंज थाने में चार मुकदमे दर्ज हैं। सभी में जालसाजी व धमकाने का मामला सामने आया है। पुलिस इन मामलों की विवेचना कर रही है। अमित ने जितेंद्र से एक लाख रुपये उधार लिया था, जिसे वापस नहीं किया। जिस जमीन का मामला सामने आया है वह जमीन गीता देवी को पट्टे में मिली थी। उसे 13 लाख रुपये जितेंद्र को बेच दिया। बाद में सरकारी भूमि होने के कारण उसे प्रशासन ने जब्त कर लिया।