मौका अंबेडकर जयंती का था, लेकिन बसपा सुप्रीमो की नजर 2017 के विधानसभा चुनाव पर है। मायावती ने मंगलवार को डॉ. अंबेडकर के बहाने विपक्षियों को जमकर कोसा। सपा से लेकर कांग्रेस और भाजपा-आरएसएस व शिवसेना पर तीखे तीर चलाए।
मुसलमानों से वोट का हक छीनने वाले बयान पर प्रधानमंत्री से शिवसेना को सरकार से बाहर करने की चुनौती दी तो मुस्लिम समाज को भाजपा व शिवसेना को तगड़ा जवाब देने के लिए ललकारा भी।
कहा, शिवसेना भाजपा के इशारे के बिना ऐसा बयान नहीं दे सकती। उन्होंने दलितों को समझाया कि भाजपा विधानसभा चुनाव के पहले कांशीराम को भारत रत्न दे सकती है, लेकिन इससे गुमराह मत होना।
मायावती डॉ. अंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल पर श्रद्धांजलि समारोह में बोल रही थीं। उन्होंने डॉ. अंबेडकर की 125 वीं जयंती पर कांग्रेस के साल भर चलने वाले अभियान और भाजपा के कार्यक्रमों पर सवाल उठाए।