दागियों के भाजपा में शामिल होने पर पार्टी के भीतर चल रही खींचतान उजागर होने लगी है। पूर्व मंत्री व विधायक बाबूलाल के भगवा चोला पहनने के कार्यक्रम से अमित शाह ने कन्नी काट ली।
जबकि चुनावी तैयारियों व मोदी की रैलियों की तैयारी की समीक्षा करने आए शाह को शुक्रवार को गाजियाबाद में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करनी थी।
वहीं प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी बैठक में तो गए लेकिन बाबूलाल के भाजपा में शामिल होने के वक्त वे भी मौजूद नहीं रहे।
हालांकि वाजपेयी का कहना है कि जरूरी कार्य से उन्हें मेरठ वापस आना पड़ा। पर यह बात आसानी से गले उतरने वाली नहीं है।
चर्चा है कि शाह किसी नए विवाद में नहीं फंसना चाहते, इसलिए उन्होंने बाबूलाल के भाजपा में शामिल होने से अपनी दूरी बना लिया। वाजपेयी भी बाबूलाल जैसे चेहरों को पार्टी में लेने के पक्ष में नहीं है।
बाबूलाल पर चर्चित कविता चौधरी हत्याकांड में संदेह की अंगुली उठ चुकी है। इसीलिए दोनों नेता बाबूलाल के भाजपाई होने की घटना के गवाह बनने से कन्नी काट गए।