मेट्रो सेल अब 32 वीं वाहिनी पीएसी और उसके आसपास की भूमि की पैमाइश शुरू करा रहा है। इसके लिए जिला प्रशासन की मदद ली जा रही है।
नापजोख के बाद इसके हस्तांतरण की कार्यवाही शुरू की जाएगी। इसके साथ ही डिपो के आसपास की भूमि,जिसमें आसाराम बापू आश्रम की भूमि भी आती है,उसकी पैमाइश भी की जाएगी।
गत दिनों गृह विभाग के साथ 32 वीं वाहिनी पीएसी सरोजनी नगर की भूमि पर डिपो बनाने के लिए सहमति बन गई है।
इसके मुताबिक लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन यहां पर जवानों के लिए बनाए गए आश्रय तभी तोड़ेगा, जब यहां पर पहले आठ मंजिला अपार्टमेंट बना दिया जाएगा।
इस मुद्दे पर सहमति बनने के बाद शुक्रवार को मेट्रो सेल ने इस भूमि की पैमाइश शुरू करा दी। जानकारों के मुताबिक, क्षेत्रीय लेखपाल को पैमाइश करने की जिम्मेदारी दी गई है। ताकि इस संबंध में काम आगे बढ़ाया जा सके।
इस स्थान का नक्शा भी बनाया गया है। इसके आधार पर अब मेट्रो सेल आगे का काम शुरू करेगा।
सैद्धांतिक सहमति की खातिर
केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय में मेट्रो की डीपीआर को सैद्धांतिक सहमति दिलाने के लिए कोशिश करने के लिए मेट्रो सेल के चेयरमैन राजीव अग्रवाल दिल्ली पहुंच गए हैं।
कुछ दिन पहले मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने पत्र लिख कर जल्द सैद्धांतिक सहमति देने की अपील की थी। इसके बाद ही मेट्रो का निर्माण कार्य राजधानी में शुरू किया जा सकेगा। बाकी पूर्ण सहमति भविष्य में मिलती रहेगी।
इसी बात को और आगे बढ़ाने के लिए अग्रवाल ने दिल्ली का रुख किया है। इसके अलावा मेट्रो के लिए ऋण संबंधी प्रकरणों को वित्त मंत्रालय में भी आगे बढ़ाया जाएगा।