उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने पर छुट्टा जानवरों की समस्या का स्थायी समाधान प्राथमिकता से करने की तैयारी है। सरकार और संगठन ने इस समस्या के समाधान के लिए छुट्टा गोवंश को ऊर्जा और प्राकृतिक खेती के साथ जोड़ने की योजना बनाई है।
दरअसल, वर्ष 2017 में प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही अवैध बूचड़खानों को बंद कराया गया था। इससे छुट्टा गोवंश की समस्या पैदा हो गई। विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान भी सरकार और संगठन के खिलाफ छुट्टा जानवर ही सबसे बड़ा मुद्दा था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपनी चुनावी सभाओं में इस समस्या को स्वीकार करते हुए इसे रोजगार से जोड़ने की बात कही। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी बीते शनिवार को भाजपा मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि आने वाले समय में गोवंश संरक्षण के कार्यक्रम को तेजी से आगे बढ़ाने की योजना है। इसे ऊर्जा और प्राकृतिक खेती के साथ जोड़ा जाएगा। हालांकि सरकार ने इस समस्या के समाधान के लिए हर जिले में गोआश्रय स्थल खोले।
बेसहारा गोवंश के संरक्षण के लिए लागू तीन योजनाओं के जरिए 9 लाख गोवंश का संरक्षण भी किया। लेकिन लोकसभा चुनाव 2024 में छुट्टा जानवरों का मुद्दा भाजपा के गले की फांस न बने इसके लिए अभी से योजना बनाने की तैयारी है।
सरकार और संगठन ने गोवंश के गोबर को ऊर्जा और प्राकृतिक खेती से जोड़ने के साथ गोमूत्र, दुग्ध उत्पादों को बढ़ावा देने की योजना पर मंथन शुरू किया है। प्रत्येक ब्लॉक में गोबर से ऊर्जा और उसके प्राकृतिक खेती में उपयोग के लिए प्लांट स्थापित करने की योजना है। इसमें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ भी सरकार के साथ बड़ी भूमिका निभाएगा। योजना है कि प्रदेश में सरकार बनने पर एक साल में इस समस्या को पूरी तरह समाप्त कर गोवंश को रोजगार से जोड़ दिया जाए।