बहुजन समाज पार्टी के पूर्व बाहुबली विधायक जितेन्द्र सिंह बबलू एक हफ्ते के अंदर भाजपा से बाहर कर दिए गये। पार्टी में उनके शामिल करने को लेकर भारी विरोध हो रहा था। योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री रह चुकीं और भाजपा सांसद रीता बहुगुणा जोशी जितेन्द्र सिंह बबलू के पार्टी में आने से नाराज थीं और वे उन्हें पार्टी से बाहर निकालने के लिए लगातार दबाव बना रही थीं। यह मामला पार्टी के केन्द्रीय नेताओं तक पहुंच गया था। अंतत: मंगलवार को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया। वे गत चार अगस्त को ही भाजपा में शामिल हुए थे।
दरअसल, जिस दिन जितेन्द्र सिंह बबलू को भाजपा में शामिल किया गया था, रीता बहुगुणा जोशी ने उसी दिन पार्टी के इस निर्णय से अपनी असहमति जता दी थी। उन्होंने कहा था कि संभावना है कि जितेन्द्र सिंह बबलू की पूरी जानकारी पार्टी नेतृत्व से न बताई गई हो, इसलिए उन्हें पार्टी में शामिल कर लिया गया होगा। लेकिन वे इसके खिलाफ पार्टी के शीर्ष नेताओं से बात करेंगी।
इसके बाद से ही रीता बहुगुणा जोशी लगातार पार्टी के शीर्ष नेताओं से मुलाकात कर इस निर्णय का चुनाव में पड़ने वाले नकारात्मक असर को लेकर दबाव बना रही थीं। उनका कहना था कि पार्टी के इस फैसले से एक गलत सन्देश जायेगा और पार्टी को यह फैसला वापस ले लेना चाहिये।
भाजपा में अब तक बैक फुट पर रही ब्राह्मण लॉबी रीता बहुगुणा जोशी के फैसले के साथ खुलकर खड़ी हो गई थी। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी सहित अनेक नेताओं ने पार्टी के इस फैसले को अनुचित बताया था।
केंद्र के इशारे पर भाजपा में शामिल कर यूपी भेजे गये एके शर्मा भी इस मामले में तेजी से सक्रिय हुए और इस मामले पर रीता बहुगुणा जोशी का साथ दिया। कहा जा रहा है कि इस मामले को पार्टी के केन्द्रीय नेताओं के संज्ञान में भी ला दिया गया। इसके बाद केन्द्रीय नेतृत्व से मिली फटकार के बाद आनन-फानन में जितेन्द्र सिंह बबलू को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
तथ्य सामने आने के बाद हुई कार्रवाई
भाजपा नेता संजय चौधरी ने अमर उजाला से कहा कि कुछ लोगों के द्वारा विशेष अनुरोध किये जाने के बाद जितेन्द्र सिंह बबलू को पार्टी में शामिल किया गया था। लेकिन बाद में उनसे जुड़े कुछ आपत्तिजनक बातें पार्टी के सामने आईं जिसके बाद उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा अपने अनुशासन और जनता के हितों के प्रति प्रतिबद्धता सर्वोपरि रखती है। पार्टी ने यह निर्णय लेकर यही सन्देश दिया है कि बेहद साफ़-सुथरी छवि रखने वले लोग ही भाजपा परिवार का हिस्सा बन सकते हैं।