पहली सूची में पार्टी ने कई वर्जनाएं तोड़ी हैं। कहीं दलबदलू, तो कहीं वंशवाद को बढ़ावा दिया गया है। इसके अलावा कई नामी चेहरों का टिकट भी काट लिया गया है।
भाजपा ने लखनऊ के सांसद लालजी टंडन व कल्याण सिंह को छोड़कर शेष सभी सांसदों को फिर से मैदान में उतारा है।
चार सांसदों के संसदीय क्षेत्र बदल दिए गए हैं। वर्ष 2009 में भाजपा के दस सांसद विजयी रहे थे।
इनमें राजनाथ सिंह, डॉ. मुरली मनोहर जोशी, मेनका गांधी और वरुण गांधी की सीट बदली गई हैं।
राजेन्द्र कुमार अग्रवाल, रमाशंकर कठेरिया, योगी आदित्यनाथ, कमलेश पासवान और रमाकांत यादव को उनकी पुरानी सीटों से टिकट दिया गया है।
वंशवाद से परहेज नहीं
सूची आने से पहले भाजपा कहना था कि पार्टी वंशवाद की बेल को बढ़ावा नहीं देने के पक्ष में है लेकिन पार्टी ने इस मानक को भी तोड़ दिया।
कल्याण की सीट एटा से उनके पुत्र राजवीर सिंह को उतारा गया है।
इसी के साथ एक बार यह फिर साबित हो गया कि वंशवाद का विरोध करने वाली भाजपा में किसी नेता को वंशवाद से परहेज नहीं रह गया है।
जातीय समीकरण फिर हावी
सूची को देखने से साफ हो जाता है कि नाम तय करने में न सर्वेक्षणों की चली है और अन्य कसौटियों का ख्याल रखा गया है।
नेताओं की महत्वाकांक्षा के सामने चुनावी रणनीति धरी रह गई। रणनीतिकारों ने नेताओं की मर्जी के सामने पूरी तरह समर्पण कर दिया।
चुनावी समीकरणों से ज्यादा नेताओं को साधने व उन्हें संतुष्ट करने का ध्यान रखा गया है। साथ ही जातीय समीकरणों को भी साधने की कोशिश की गई है।
दलबदलुओं व दागियों पर दांव
प्रदेश प्रभारी अमित शाह कार्यकर्ताओं भले ही दलबदलुओं व दागियों से परहेज का ऐलान किया जा रहा था। पर, टिकट देने में यह मानक भी तोड़ दिया गया।
सूची में कई दलबदलू व कुछ दागी भी शामिल हैं।
इनमें इटावा से उतारे गए अशोक दोहरे, फिरोजाबाद से एस.पी. सिंह बघेल, मिश्रिख से अंजू बाला, उन्नाव से साक्षी महराज, मोहनलालगंज से कौशल किशोर प्रमुख हैं।
पराजित योद्धाओं पर भी भरोसा
सूची में कई ऐसे चेहरों को मोदी की हवा पर भरोसा करते हुए उतारा गया है। इनमें कुछ ऐसे भी हैं जो लगातार हार रहे हैं।
कुछ ऐसे हैं जो लोकसभा का पिछला चुनाव हार चुके हैं। कुछ विधानसभा चुनाव न जीत पाने के बावजूद लोकसभा के लिए मैदान में उतारे गए हैं।
ऐसे चेहरों में लल्लू सिंह चौहान, भरत सिंह, हुकुम सिंह, संतोष गंगवार, साक्षी महराज, राजवीर सिंह, सुब्रत पाठक, मुकेश राजपूत, नीलम सोनकर सहित कई चेहरे शामिल हैं।
उमा भारती समेत दस विधायकों पर दांव
भाजपा ने पांच विधायकों को लोकसभा चुनाव की जंग में उतारा है।
इनमें उमा भारती, हमीरपुर की निरंजन ज्योति, सहारनपुर के राघव लखनपाल, मुरादाबाद के कुंवर सर्वेश सिंह, कलराज मिश्रा, नोएडा के डॉ. महेश शर्मा, खीरी अजय मिश्रा, शामली जिले की कैराना से सीट से हुकम सिंह और बहराइच जिले के बल्हा क्षेत्र से से विधायक सावित्री बाई फूले और नैपाल सिंह शामिल हैं।
अयोध्या, काशी पर पत्ते खोले, मथुरा में बाकी
भाजपा ने अयोध्या और काशी (वाराणसी) सीट पर प्रत्याशियों की घोषणा कर दी लेकिन मथुरा में अभी पत्ते नहीं खोले।
इन सीटों का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व है, और ये सीटें हमेशा से ध्यान खींचतीं रही हैं।
देखने वाली बात होगी भाजपा की दूसरी सूची में मथुरा के मैदान में कौन योद्धा उतरता है।