लोकसभा में संविधान संशोधन विधेयक गिरने के बाद भाजपा और सपा के बीच राजनीतिक विवाद चरम पर पहुंच गया है। भाजपा ने अपने आधिकारिक एक्स एकाउंट पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का फोटो लगाते हुए उन्हें वांटेड बताया। साथ ही कहा कि आखिरी बार उन्हें टोंटी चुराते हुए देखा गया था। इस पर अखिलेश यादव ने पलट वार करते हुए भाजपा के नेताओं को गद्दार करार दिया।
भाजपा, उत्तर प्रदेश के एक्स एकाउंट पर रविवार को लिखा गया कि अखिलेश यादव महिलाओं के अधिकारों के विरोध में हैं। उन पर संसद में नारी शक्ति के हक का विरोध करने का आरोप है और उन्हें आखिरी बार टोंटी चुराते हुए देखा गया था।
इसका जवाब देते हुए अखिलेश यादव ने लिखा कि भाजपा और उसके संगी-साथी पराजय स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं और अब उनमें ये डर बैठ गया है कि देश की 95 प्रतिशत आबादी से बना पीडीए समाज जब भाजपा की करतूतों के खिलाफ एक साथ खड़ा हो जाएगा तो उनका क्या होगा। उनकी रातों की नींद और दिन का चैन छिन गया है।
इन नकारात्मक लोगों ने आजादी से पहले भी देश से गद्दारी की और अंडरग्राउंड रहकर देश को गुलाम बनानेवालों की गुलामी की, स्वतंत्रता सेनानियों के खिलाफ चंद पैसों और वजीफे के लालच में मुखबिरी का तुच्छ काम किया। इन्होंने पहले भी देश को धोखा देकर अकूत दौलत इकट्ठा की और अब भी कर रहे हैं। न इन्होंने तब हिसाब दिया था और न अब दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपाइयों की वर्चस्ववादी सोच पीडीए को सदैव अपशब्दों से संबोधित करती आई है, इसमें कुछ नया नहीं है। भाजपा ने अपनी पार्टी के आधिकारिक हैंडल से जो अपमानजनक बात पोस्ट की है, वो राजनीतिक नैतिक पतन का ऐसा दस्तावेज है जो देश के इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हो गया है।