लखनऊ। अवस्थापना निधि से कराए जाने वाले कार्यों के आवंटन में पक्षपात का आरोप लगाने वाले भाजपा पार्षद अब मुख्यमंत्री से भी शिकायत करेंगे। इसके लिए उन्होंने मुलाकात का समय मांगा है। वे नगर निगम मुख्यालय में धरना देने की भी तैयारी कर रहे हैं।
नगर निगम में अवस्थापना निधि के कामों को लेकर एक सप्ताह से विवाद चल रहा है। यह विरोध सत्ता पक्ष भाजपा के ही पार्षद कर रहे हैं। उनका आरोप है कि कार्यों के बंटवारे में पक्षपात किया गया है। महापौर ने केवल अपने पसंदीदा वार्डों में काम दिए हैं। जिन वार्डों को वह पसंद नहीं करतीं, वहां काम नहीं कराए गए।
पार्षदों का यह भी आरोप है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के संसदीय क्षेत्र के 88 वार्डों को केवल 18 करोड़ रुपये मिले हैं। वहीं, सपा सांसद आरके चौधरी के मोहनलालगंज क्षेत्र के मात्र 22 वार्डों में 32 करोड़ रुपये के विकास कार्य स्वीकृत हुए हैं। भाजपा पार्षदों का एक गुट पहले ही भाजपा महानगर अध्यक्ष से मिलकर विरोध जता चुका है।
पार्षदों का विरोध और आगे की रणनीति
बुधवार को नगर निगम मुख्यालय में कुछ पार्षदों ने बैठक की। उन्होंने मुख्य अभियंता से मिलकर विरोध भी जताया। विरोध करने वाले पार्षदों में देव शर्मा मिश्रा, शैलेंद्र वर्मा, हरीश अवस्थी और मुकेश सिंह मोंटी, कौशलेंद्र द्विवेदी, कमलेश सिंह शामिल हैं।
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महापौर ने किया आरोपों पर खंडन
दूसरी ओर, महापौर सुषमा खर्कवाल ने पार्षदों के आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि चंद पार्षद झूठे आरोप लगा रहे हैं। महापौर ने विरोध करने वालों के वार्डों में कराए गए विकास कार्यों की रिपोर्ट जारी की। उन्होंने कहा कि जहां विकास कार्य की जरूरत थी, वहीं प्राथमिकता पर काम कराए गए हैं। महापौर ने यह भी स्पष्ट किया कि अभी तो अवस्थापना का बजट ही नहीं आया है। फिर भी यह विरोध किया जा रहा है।
महापौर द्वारा जारी विकास कार्यों की रिपोर्ट
महापौर ने विभिन्न वार्डों में हुए कार्यों का विवरण दिया। इस्माइलगंज वार्ड में 36.86 करोड़ रुपये की लागत से 137 कार्य कराए गए हैं। मौलवीगंज वार्ड में 13.69 करोड़ रुपये की लागत से 158, त्रिवेणीनगर वार्ड में 13.32 करोड़ रुपये की लागत से 122, विद्यावती द्वितीय वार्ड में 11.43 करोड़ रुपये की लागत से 62, विद्यावती प्रथम में 13.41 करोड़ रुपये की लागत से 68 और पेपर मिल में 21.59 करोड़ रुपये की लागत से 122 कार्य हो चुके हैं।