भाजपा के प्रदेश नेतृत्व ने पदाधिकारियों की सूची जिलों के प्रमुख लोगों की सहमति से बनाने और स्थानीय समीकरणों के अनुसार, सभी महत्वपूर्ण चेहरों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रभारी नियुक्त किए गए थे। प्रभारियों की रिपोर्ट और सूची के बाद समितियों का गठन कर दिया गया। ज्यादातर जिलों में सदस्यों की घोषणा भी कर दी गई है। जहां नहीं हुई है वहां भी जल्द हो जाएगी।
भाजपा के संविधान के मुताबिक, लोकसभा की 21 सीटों से ज्यादा होने के कारण उत्तर प्रदेश श्रेणी तीन में आता है। इस कारण यहां के जिला समितियां 90 सदस्यीय बननी है। इनमें कम से कम 30 महिलाएं होना जरूरी है।