राजनीतिक विश्लेषक भले ही कह रहे हों कि यूपी में सीएम का चेहरा सामने न लाकर भाजपा गलती कर रही है, पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशव मौर्य इससे इत्तेफाक नहीं रखते। उनका मानना है कि हर बूथ पर भाजपा का कार्यकर्ता ही उसका चेहरा है, जो पार्टी को सत्ता के मुकाम तक पहुंचाएगा।
वे कहते हैं कि सपा सरकार के कुशासन व बसपा राज के भ्रष्टाचार के चलते आम मतदाताओं का इन दोनों दलों से मोह भंग हो चुका है और वे बड़ी उम्मीदों के साथ भाजपा की ओर देख रहे हैं।
उन्हें पूरा यकीन है कि सुशासन और विकास के मुद्दों के बलबूते भाजपा इस बार प्रदेश में सफलता की नई इबारत लिखेगी। पेश है केशव मौर्य से अजीत बिसारिया की बातचीत के मुख्य अंश :
चुनाव अभियान पर पड़ रहा है विपरीत असर
सवाल- भाजपा ने अभी तक यूपी में सीएम का चेहरा घोषित नहीं किया है। क्या आपको नहीं लगता कि पार्टी कोई सर्वमान्य नाम नहीं ढूंढ पा रही है और इससे उसके चुनाव अभियान पर भी विपरीत असर पड़ेगा?
जवाब- भाजपा काडर बेस पार्टी है। हर कार्यकर्ता ही उसका मुख्यमंत्री पद का चेहरा है। हर बूथ पर कार्यकर्ताओं के चेहरे को आगे रखकर ही चुनाव लड़ा जाएगा। इससे भाजपा के चुनाव अभियान पर कोई विपरीत असर नहीं पड़ेगा, बल्कि पार्टी भारी बहुमत से यूपी की सत्ता हासिल करेगी। रही बात सर्वमान्य नाम ढूंढने की, तो इस मामले में हाईकमान के फैसले को हर कार्यकर्ता खुशी-खुशी स्वीकार करेगा।
सवाल- दूसरे दलों के नेता टिकट की उम्मीद में भाजपा में शामिल हो रहे हैं। क्या इससे चुनाव लड़ने के इच्छुक पार्टी के पुराने कार्यकर्ता निराश नहीं होंगे?
जवाब- देखिए, दूसरे दल के किसी भी नेता को टिकट के वादे के साथ भाजपा में शामिल नहीं किया गया है। वैसे भी दूसरे दलों से आए सभी नेताओं को टिकट देना संभव नहीं है। जहां जरूरी लगेगा, वहां टिकट जरूर दिया जाएगा। पार्टी की इस भावना से आम कार्यकर्ता अच्छी तरह वाकिफ हैं।
'पार्टी लगातार मतदाताओं के संपर्क में'
सवाल- भाजपा ने अभी तक प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की है। क्या आपको नहीं लगता कि इस देरी से प्रत्याशियों को प्रचार के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाएगा।
जवाब- हम जल्द ही टिकट घोषित करने जा रहे हैं। हमें नहीं लगता कि देरी हुई है। पार्टी विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से लगातार मतदाताओं के संपर्क में है।
सवाल- सपा का मौजूदा झगड़ा भाजपा के लिए कितना फायदेमंद साबित होगा?
जवाब- हम कलह की चर्चा नहीं करते, कमल की चर्चा करते हैं। सपा के लोगों की गुंडागर्दी, भ्रष्टाचार और जमीन कब्जाने के मामलों से आम जनता त्रस्त हो चुकी है और सपा से मुक्ति चाहती है।
सवाल- चुनाव में पार्टी के स्टार प्रचारक कौन-कौन होंगे?
जवाब- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह के अलावा सभी पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं वरिष्ठ नेता स्टार प्रचारक होंगे।
'पार्टी में कोई भी नेता हाशिए पर नहीं है'
सवाल- हाशिए पर चल रहे बुजुर्ग नेताओं की भी मदद ली जाएगी?
जवाब- पार्टी में कोई भी नेता हाशिए पर नहीं है। शायद परिवर्तन यात्राओं पर आपने गौर किया। उनमें सभी नेताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था।
सवाल- चुनाव किन मुद्दों पर लड़ेंगे?
जवाब- प्रदेश में बिगड़ी कानून-व्यवस्था और सपा-बसपा के कार्यकाल में हुआ भ्रष्टाचार हमारे मुद्दे होंगे। भाजपा का सुशासन और विकास की सोच भी मतदाताओं के बीच प्रमुखता से लेकर जाएंगे।
सवाल- हर दल बहुमत पाने का दावा कर रहा है। ऐसे में आपका 300+ का आधार क्या है?
जवाब- लोकसभा चुनाव में प्रदेश में 60 सीटें जीतने का दावा करने वालों का खाता भी नहीं खुला था। सपा ने गुंडागर्दी के बल पर अपने परिवार के पांच सदस्यों को जिताया। लोकसभा चुनाव में हम 337 विधानसभा सीटों पर नंबर एक पर रहे थे। हमारे 300+ के दावे का यही पुख्ता आधार है।