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VIDEO: महोत्सव में ये स्टंट, रुक जाएंगी सांसें!

Sun, 30 Nov 2014 10:06 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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लखनऊ महोत्सव में एक ओर जहां कलाकारों के हुनर से शामें रंगीन हैं वहीं दूसरी ओर स्टंटबाजी भी लोगों को बांधे हुए है। शनिवार को शाबास इंडिया फेम हर्ष गुप्ता का बाइक स्टंट देखकर महोत्सव स्थल पर मौजूद लोगों की सांसें रुक गईं।
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दिलकश गज़लों से शुक्रवार को लखनऊ महोत्सव की महफिल रोशन हुई। भूपेंद्र-मिताली के बोलों ने उर्दू की मिठास और गजलों की रूहानियत व रूमानियत से श्रोताओं को रू-ब-रू कराया।

कार्यक्रम की शुरुआत गायकों ने ‘राहों पे नजर रखना, होठों पर दुआ रखना...’ से की। इसके बाद भूपेंद्र ने ‘दिल ढूंढता है, फिर वही फुरसत के रात दिन...’ सुनाकर पंडाल को तालियों से सराबोर कर दिया।
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रात पर सर्दी की चादर चढ़ने के साथ-साथ गज़ल गायकी के चाहने वालों की संख्या भी बढ़ने लगी। भूपेंद्र व मिताली ने ‘एक अकेला इस शहर में ढूंढता है आबोदाना...’, ‘करोगे याद तो हर बात याद आएगी...’, और ‘साथी हो तो पैदल चलना अच्छा लगता है...’ गजलें पेश कीं।
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श्रोताओं ने भी दिया भूपेंद्र का साथ

भूपेंद्र ने कहा कि बप्पी लहरी ने ऐतबार फिल्म के एक नगमे का संगीत दिया, जिसे मैंने व आशा भोसले ने गाया। उसे पेश करता हूं...‘किसी नजर को तेरा इंतजार आज भी है, कहां हो तो तुम कि ये दिल बेकरार आज भी है’ सुनाकर महफिल को यादगार बना दिया।

भूपेंद्र ने लखनऊ वालों से साथ में गाने का आग्रह किया और हारमोनियम पर अंगुलियां व लबों पर नगमे थे। उन्होंने ‘हुजूर इस कदर न भी इतरा के चलिए, खुलेआम आंचल न लहरा कर चलिए’ गजल गाना शुरू किया और श्रोताओं ने भी उनका साथ दिया।

मिताली ने फरमाइशी गीत ‘मेरी सब कोशिशें नाकाम थीं, उसको मनाने की...’ व ‘मेरी आवाज ही पहचान है, गर याद है...’ सुनाया। मिताली ने एक डुएट सॉन्ग सुनाने की बात कही...जिसे भूपेंद्र ने बीच में ही काटते हुए कहा कि पहले खैयाम साहब की गजल पेश करने को कहा।

लेजर शो का रोमांच है ताजा

पहले दिन लेजर शो जबरदस्त अट्रैक्शन रहा। शो के दौरान तेज-तर्रार लाइट हावी होती तो कभी ज्वॉय लाइट को काबू में कर लेता।

दर्शकों का रोमांच इस टकराहट से पल-पल बढ़ रहा था। फिर सोनिया लेजर लाइट से टकराने आई और दर्शकों का जोश डबल हो गया।

इस लाजवाब लेजर शो से पहले शो में जनेश्वर मिश्र पार्क, लखनऊ मेट्रो, आईटी सिटी इत्यादि सपा सरकार की उपलब्धियों को दिखाया गया। लेजर शो करीब 15 मिनट तक चला था।

पहली बार लेजर शो के बाद हुई आतिशबाजी का लुत्फ सांस्कृतिक पंडाल ही नहीं, बल्कि महोत्सव घूमने आए, सभी लोगों ने उठाया था। करीब सात बजे शुरू हुई आतिशबाजी पांच मिनट तक आसमान को रोशन करती रही थी।
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यहां देखें हैरतंगेज वीडियो

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