बहुजन स्वाभिमान संघर्ष समिति की रैली में लखनऊ पहुंचे बिहार के सीएम नीतीश कुमार को प्रशासन ने तीन घंटे बाद रैली में जाने की इजाजत दी। इस बीच वह वीवीआईपी गेस्ट हाउस में बैठे अनुमति मिलने का इंतजार करते रहे।
बसपा से हाल ही में अलग हुए पूर्व मंत्री आरके चौधरी की अगुआई में हो रही इस रैली में शिरकत करने नीतीश मंगलवार को लखनऊ पहुंचे। रैली यहां के बिजली पासी किले पर बीएस-फोर के बैनर तले हो रही है। बता दें कि पहले जिला प्रशासन ने रैली बिजली पासी किले पर करने की अनुमति देने से भी इंकार कर दिया था।
सुबह 12 बजे ही लखनऊ पहुंच चुके नीतीश कुमार को रैली स्थल तक जाने में काफी झिकझिक हुई। कार्यकर्ता उनका मंच सजाए इंतजार करते रहे लेकिन नीतीश कुमार को वीवीआईपी गेस्ट हाउस में रोक लिया गया। वहीं मंच से जदयू प्रदेश अध्यक्ष सुरेश निरंजन ने घोषणा कर दी कि नीतीश कुमार लखनऊ पहुंच चुके हैं और वीवीआईपी गेस्ट हाउस में हैं लेकिन प्रशासन उन्हें कार्यक्रम स्थल तक नहीं आने दे रहा।
तीन घंटे की जद्दोजहद के बाद प्रशासन ने आरके चौधरी की अंडरटेकिंग लेकर नितीश को कार्यक्रम स्थल पर जाने की अनुमति दी। इस मामले में नीतीश ने कहा, देर से अनुमति देने की वजह मेरी समझ में नहीं आई लेकिन मैं इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा। तीन घंटे बाद अनुमति मिलने के बाद नीतीश केसी त्यागी के साथ कार्यक्रम स्थल पर पहुंच सके।
रैली स्थल को लेकर भी नहीं मिली थी अनुमति
आरके चौधरी की रैली
- फोटो : amar ujala
बहुजन स्वाभिमान संघर्ष समिति (बीएस-4) की पूर्व मंत्री आरके चौधरी की अगुवाई में मंगलवार को होने वाली रैली के लिए भी काफी जद्दोजहद हुई थी। प्रशासन ने रैली की अनुमति देने से मना कर दिया था।
जिला प्रशासन का कहना था कि बिजली पासी किला मुख्यमंत्री और रैली में आने वालों की सुरक्षा के लिहाज से उपयुक्त नहीं है। ऐसे में वहां आयोजन की अनुमति नहीं दी जा सकती। आयोजकों को स्मृति उपवन का विकल्प दिया गया है। जिला प्रशासन ने बिहार के सीएम कार्यालय को सूचना भेज कर उनके स्टाफ को पूरी स्थिति से अवगत करा दिया था।
डीएम राजशेखर के मुताबिक, आयोजन स्थल का निरीक्षण कराया गया। आयोजकों के मुताबिक कार्यक्रम में करीब 10,000 की भीड़ जुटेगी। बड़ी संख्या में वाहन भी आएंगे। जांच में पाया गया कि बिजली पासी किला की क्षमता 2,000 से 2,500 ही है। ऐसे में इतनी बड़ी भीड़ को नियंत्रित करना मुश्किल होगा। बिहार के मुख्यमंत्री की सुरक्षा भी वहां करना बड़ी चुनौती होगी। हालांकि आरके चौधरी के पीआरओ तरुण रावत ने बताया था कुछ शर्तों के बाद रैली की अनुमति दे दी गई।