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योगी राज के 365 दिन: पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए उठाए ये बड़े कदम

Mon, 19 Mar 2018 09:45 AM IST
महेंद्र तिवारी, अमर उजाला, लखनऊ
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala
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एक साल के कार्यकाल में योगी आदित्यनाथ सरकार ने गवर्नेंस में पारदर्शिता और जवाबदेही की ओर कदम बढ़ाया है। ई-ऑफिस, ई-टेंडर, ई-लॉटरी की पहल की। गवर्नमेंट ई-मार्केट (जीईएम) से सामानों की खरीद और राशन वितरण में ई-पॉस मशीनों जैसे संस्थागत सुधारों की ओर कदम बढ़ाए। ऑनलाइन निवेश-मित्र पोर्टल शुरू किया है। कई विभागों ने भ्रष्टाचार रोकने में सफलता पाई है तो कई में करोड़ों रुपये बचाए हैं।

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हालांकि सरकारी विभागों में बायोमीट्रिक हाजिरी जैसे कई प्रयोग विभागीय अफसरों की सुस्ती की वजह से आगे नहीं बढ़ पाए हैं। तय समय सीमा में फाइलों के निस्तारण की पहल ‘ई-ऑफिस’ को लेकर भी सुस्ती नजर आने लगी है। हालांकि ‘गवर्नमेंट ई-मार्केट’ प्लेटफॉर्म भी सरकार की अच्छी बचत कराने वाला माध्यम बना है। सरकार को आने वाले दिनों में इन पहल के और विस्तार व प्रभावशाली बनाने की जरूरत है।

22 विभागों में ‘ई-ऑफिस’ ...ताकि समय पर निपटें फाइलें
सचिवालय में समय से फाइलों के निस्तारण के लिए मुख्यमंत्री योगी ने ई-ऑफिस सिस्टम लागू करने का एलान किया था। 22 विभागों में यह व्यवस्था लागू हो चुकी है। सभी जिलों व मंडलों में ई-ऑफिस लागू करने के लिए 30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
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माई-गवर्नमेंटः योगी सरकार की कोशिश है कि लोग केंद्र सरकार के माई-गवर्नमेंट प्लेटफॉर्म का उपयोग अधिकाधिक करें। इस पर लोग सरकार से सीधे जुड़ सकेंगे। सरकार तक अपने विचार साझा कर सकेंगे। इस पहल पर काम शुरू होना बाकी है।

ऑनलाइन निवेश मित्र पोर्टलः निवेशकों की सहूलियत के लिए ऑनलाइन आवेदन, रजिस्ट्रेशन, अनुमति, अनापत्ति और क्लीयरेंस की सुविधा के लिए निवेश मित्र पोर्टल शुरू किया गया है। इस पोर्टल पर निवेशक के हर काम तय समयसीमा में निस्तारित होंगे। निवेशकों को विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

शराब दुकानों का आवंटन ई-लॉटरी से

प्रदेश सरकार ने आबकारी विभाग में एक व्यक्ति को अधिकतम दो दुकान और शराब दुकानों के ठेके की पूरी व्यवस्था ऑनलाइन कर दी। इससे शराब सिंडिकेट टूटने और राजस्व वृद्धि का अनुमान है। हालांकि ई-लॉटरी का प्रयोग पहले चरण में फेल हो गया। लेकिन सरकार ने बेहतर तैयारी के बाद इस पर अमल का एलान किया है। सोमवार को शराब दुकानों की ई-लॉटरी होने जा रही है।

ठेके-खनन पट्टों में ई-टेंडर: सरकार ने ठेके-पट्टों में ई-टेंडर की पहल की। इससे ठेकों में अवसर न मिलने, जबरन टेंडर न डालने देने जैसी शिकायतें खत्म हुईं। ज्यादा से ज्यादा लोगों के शामिल होने से विभागों को प्रतिस्पर्धात्मक मूल्य मिले। ई-टेंडर से दिए गए खनन पट्टों से सरकार को 2650 करोड़ राजस्व मिलने का रास्ता साफ हुआ है।

...यूं बचाए करोड़ों रुपये
129.75 करोड़: राशन वितरण ई-पॉस से
सरकार ने राशन वितरण का काम ई-पॉस मशीनों के जरिए शुरू किया है। इस पहल का क्रांतिकारी नतीजा सामने आया। जुलाई 2017 से फरवरी 2018 तक शहरी क्षेत्रों की दुकानों से 51,655.032 मीट्रिक टन खाद्यान्न वितरण से बचा। इसकी सब्सिडी कीमत 129 करोड़ 75 लाख 27 हजार 207 रुपये की कालाबाजारी बची। यानी, इतना राशन कालाबाजारी की भेंट चढ़ रहा था।

बोगस राशन कार्ड रद्द, 162.16 करोड़ बचे

- फोटो : amar ujala
सरकार ने राशनकार्डों के सत्यापन का अभियान शुरू कराया। इसमें 29,82,497 अपात्र राशन कार्ड निरस्त किए गए। निरस्त अपात्र राशनकार्डों से 38,630.091 मीट्रिक टन गेहूं तथा 25,922.849 मीट्रिक टन चावल की बचत हुई। इससे 162 करोड़ 16 लाख रुपये का नुकसान रोका गया।

अपात्रों से 22 हजार आवास वापस
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दावा है कि उनकी सरकार ने आवास आवंटन का फर्जीवाड़ा भी बड़े स्तर पर रोका। करीब 22 हजार प्रधानमंत्री आवास अपात्रों से सरेंडर कराए गए।

एलईडी बल्ब वितरण: 1200 करोड़ बचे
ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा बताते हैं कि  ‘उजाला’ योजना के अंतर्गत 2.36 करोड़ एलईडी बल्ब वितरित किए गए हैं। इससे 3 बिलियन यूनिट बिजली की प्रतिवर्ष बचत होगी। 615 मेगावाट बिजली की डिमांड घटेगी। इससे उपभोक्ताओं के 1200 करोड़ रुपये बचेंगे।

ई-नेम में यूपी सबसे आगे
किसानों को उपज का सही मूल्य दिलाने के लिए सरकार ने मंडियों को ई-नेम पोर्टल से जोड़ने की पहल की। अब तक 100 मंडियां जोड़ी जा चुकी हैं। इस योजना से देश में यूपी के सर्वाधिक 26 लाख किसान व 32 हजार व्यापारी रजिस्टर्ड हुए हैं। इनकी सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर 155241 शुरू किया गया है।
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‘जनसुनवाई’ की जवाबदेही तय करेगी सीएम हेल्पलाइन-1076

प्रदेश में आम लोगों की समस्याओं की सुनवाई के लिए पिछली सरकार ने एक ‘जनसुनवाई’ पोर्टल शुरू किया था। इस पर बड़े पैमाने पर शिकायतें आनी शुरू हुईं।

मगर, भारी संख्या में आने वाली इन शिकायतों की मॉनिटरिंग की मुकम्मल मैकेनिज्म डवलप न होने से यह पोर्टल लोगों का भरोसा खोने लगा। योगी सरकार ने इसके लिए सीएम हेल्पलाइन-1076 की पहल की। 500 सीटर इस हेल्पलाइन पर कोई भी व्यक्ति इस टोलफ्री फोन नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है।

यहां आने वाली शिकायत जनसुनवाई पर ही दर्ज की जाती है। यहां दर्ज शिकायतों का निस्तारण शिकायतकर्ता की संतुष्टि तक करने की व्यवस्था की गई है। इसके  लिए शिकायतकर्ता से कई स्तर पर फीडबैक लेने का प्रावधान किया गया है। अभी यह व्यवस्था टेस्ट मोड में है। प्रयोग सफल होने पर इसे धूमधाम से लॉन्च करने की योजना है।
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