हत्या का कारण चुनावी रंजिश बताया जा रहा है। इलाके में सुरेंद्र का काफी प्रभाव था जिसका लाभ स्मृति ईरानी को मिला। करीबी बताते हैं कि लोकसभा चुनाव में स्मृति की जीत के बाद उनका कद काफी बढ़ गया था जिसे कुछ लोग पसंद नहीं करते थे। वह स्मृति ईरानी के करीबी थे।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों से बातचीत के बाद बदमाशों की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी। सुरेंद्र सिंह के शव का पोस्टमार्टम लखनऊ के केजीएमयू में तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया।