भाजपा के सदस्यता अभियान की रफ्तार में सूबे के करीब 15 हजार बूथ रोड़ा बन गए हैं। इन स्थानों पर तमाम कोशिशों के बावजूद पार्टी के सौ सदस्य बनाने का लक्ष्य पूरा होना चुनौती बन गया है।
ये वे बूथ हैं जिनमें लोकसभा चुनाव में भी पार्टी के वोटों का आंकड़ा सौ के भीतर सिमट गया है। इनमें ज्यादातर बूथ मुस्लिम बहुल इलाकों में हैं।
प्रदेश प्रभारी ओम माथुर के सुझाव पर इन स्थानों के लिए विशेष कार्ययोजना बनाकर सदस्यता अभियान का लक्ष्य पूरा करने का फैसला किया गया है।
ये बूथ बाराबंकी, रामपुर, सहानपुर, मुजफ्फरनगर, आगरा, कानपुर देहात, मुरादाबाद, आजमगढ़, मैनपुरी, कन्नौज, फीरोजाबाद , बदायूं, बहराइच, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर सहित करीब 35 जिलों में हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी भी इससे अलग नहीं है।
पार्टी के रणनीतिकार इन बूथों पर सदस्यता के सहारे ही विधानसभा के 2017 के चुनाव की तैयारी कर लेना चाहते हैं। इसीलिए उनकी कोशिश है कि किसी तरह इन स्थानों पर पार्टी के पास कुछ ऐसे लोग हो जाएं जिससे चुनाव में इन जगहों पर पार्टी का झंडा व बैनर लगाने की कठिनाई न हो।