लोहिया अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही ने फिर एक नवजात की जान ले ली। बुधवार रात डॉक्टर नए साल की पार्टी में मशगूल थे। उसी दौरान मासूम की तबीयत बिगड़ी तो परिवारीजनों ने उसे लेकर इमरजेंसी से एनआईसीयू तक दौड़ लगाई, पर कोई डॉक्टर नहीं मिला। जब तक डॉक्टर आए, नवजात ने दम तोड़ दिया था।
नाराज परिवारीजनों ने डॉक्टर और अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते इमरजेंसी के बाहर हंगामा करते हुए धरना दिया। बंथरा के आशीष द्विवेदी की पत्नी जया (26) को 29 दिसंबर की रात जुड़वा बच्चे हुए थे।
बुधवार रात करीब नौ बजे एक बच्चे को सांस लेने में तकलीफ हुई तो परिवारीजनों ने नर्स को बताया, लेकिन कोई डॉक्टर नहीं आया। मासूम की हालत बिगड़ने लगी तो रात 11: 30 बजे इमरजेंसी भेज दिया गया। वहां भी कोई डॉक्टर नहीं मिला। परिवारीजनों ने हंगामा किया तो पता चला कि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर न्यू ईयर पार्टी में गए हैं।
इसके बाद बच्चे को एनआईसीयू भेज दिया गया। रात करीब 12 बजे डॉक्टर पहुंचे और जांच की, लेकिन तब तक नवजात की मौत चुकी थी। बच्चे की मौत से नाराज परिवारीजन इमरजेंसी के बाहर शव लेकर रात तीन बजे तक धरने पर बैठे रहे। परिवारीजनों को उग्र होते देख डॉक्टर मौके से खिसक गए।