प्रदेश में बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए सरकारी स्कूलों को जाल बुना जा रहा है। प्रदेश के 55 जिलों में 449 राजकीय हाईस्कूलों का निर्माण अंतिम चरण में है।
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशालय चाहता है कि इन स्कूलों का निर्माण कार्य जल्द पूरा हो जाए और बच्चों को दाखिला दिया जाए।
परियोजना निदेशालय ने इसके लिए संबंधित जिलों को निर्माण पूरा कराने के लिए तीसरी किश्त जारी कर दी है।
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (आरएमएसए) के तहत जरूरत के मुताबिक राजकीय इंटर कॉलेज खोले जाने हैं। पहले साल इसमें हाईस्कूल तक फिर आगे चलकर इंटर तक की शिक्षा दी जाएगी।
राज्य सरकार के प्रस्ताव पर मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने वर्ष 2011-12 में प्रदेश के 55 जिलों में 449 राजकीय हाईस्कूलों को मंजूरी दी थी।
प्रत्येक स्कूल के निर्माण पर 58.12 लाख और प्रति स्कूल फर्नीचर व प्रयोगशाला सामान खरीदने के लिए 6.14 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशालय ने इसके लिए दो किश्तें जारी कर चुका था अब तीसरी किश्त जारी की गई है।
अपर परियोजना निदेशक प्रभा त्रिपाठी ने इसके आधार पर स्कूलों का निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराने का निर्देश दिया है।
इन जिलों बन रहे हैं स्कूल
आगरा, अलीगढ़, इलाहाबाद, अंबेडकर नगर, अमेठी, अमरोहा, बदायूं, बागपत, बहराइच, बलिया, बाराबंकी, बरेली, बुलंदशहर, चंदौली, चित्रकूट, देवरिया, एटा, इटावा, फैजाबाद, फतेहपुर, फिरोजाबाद, जीबी नगर, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हापुड़, हरदोई, हाथरस, जालौन, जौनपुर, झांसी।
इसके अलावा कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, ललितपुर, लखनऊ, महाराजगंज, मैनपुरी, मथुरा, मेरठ, मिर्जापुर, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, प्रतापगढ़, रामपुर, शाहजहांपुर, शामली, श्रावस्ती, सीतापुर, संत कबीरनगर, सोनभद्र, सुल्तानपुर, उन्नाव तथा वाराणसी।