बारिश और ओले से अमेठी में बड़े पैमाने पर फसलें बर्बाद हुईं। रिपोर्ट तैयार हुई। सवाल उठे तो प्रशासन कह रहा है कि पहले चरण में उनका ही सर्वे किया गया जिनकी 50 फीसदी से ज्यादा फसल बर्बाद हुई। इस सर्वे में सामने आया कि 950.324 हेक्टेयर फसल बर्बाद हुई है। पर इन्हें भी अब तक प्रशासन सरकारी इमदाद नहीं पहुंचा पाया।
सवाल उठने पर जिला प्रशासन कहता है, हमने शासन से दो करोड़ दो लाख रुपये मांगे थे। पर मिला 80 लाख 82 हजार रुपये। अब किसानों की बात। पांच-पांच बीघे फसल चौपट हो गई। उनको मुआवजे के नाम पर मिला 3,420 रुपये। यह हाल है सिस्टम का।
प्रशासन की नजर में सिर्फ 45 गांवों में हुआ नुकसान
बारिश व ओले से जिले में भले ही भारी तबाही हुई हो लेकिन प्रशासनिक रिपोर्ट में सिर्फ 45 गांव ही इससे प्रभावित हैं। प्रशासन की रिपोर्ट के मुताबिक तिलोई में कूरा, असनी, मुर्तजापुर, जमुरवा, लीही, ढोढनपुर, तोरड़पुर व अहुरी, अमेठी में अम्मरपुर, चक्रधरपुर, तारापुर, मड़ौली, बदलापुर, शुकुलपुर, वर्तली, सोनी कनूं, बेलखरी, उत्तरगांव, राजापुर अमेरुआ, जरौटा, डेहरा, सरैया बड़गांव, कोहरा, परसौली, जागीपट्टी, महसो, ज्ञानचंद्रपुर, दलशाहपुर, भरथीपुर, बरियापुर व मंगलपुर गांव में फसलों को नुकसान हुआ है।
इसी तरह मुसाफिरखाना के इटरौर, हसनपुर जोराई, लोसनपुर, बाबूपुर सरैया, हसवनपुर, शेखपुर, खुन्नपुर व सिधियावां, गौरीगंज में बसंतपुर, लखनापुर, अचलपुर, अहद, गनेशदेई व दुलापुर में ही फसलें नष्ट हुई हैं।