सीडीआरआई में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद वैज्ञानिक और बच्चे। -संवाद
लखनऊ। केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान ( सीडीआरआई) और इसरो-ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क (इस्ट्रैक) ने संयुक्त रूप से बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस समारोह आयोजित किया। मुख्य अतिथि इस्ट्रैक-बंगलूरू के उप निदेशक टीएस गणेश रहे।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस केवल अतीत की उपलब्धियों का उत्सव नहीं है, बल्कि यह भावी पीढ़ियों को बड़े सपने देखने, नवाचार करने और अंतरिक्ष में नई सीमाओं तक पहुंचने और फतह करने का आवाहन है। उन्होंने अंतरिक्ष अनुसंधान में भारत की महत्वाकांक्षी प्रगति, चंद्रयान और गगनयान जैसे आगामी मिशनों के महत्व पर भी चर्चा की।
आर्यभट्ट से गगनयान: प्राचीन ज्ञान से अनंत संभावनाएं विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में बंगलूरू की समूह निदेशक रूपा एमवी ने चंद्रयान-3 की सफलता की कहानी सुनाई। सीडीआरआई की मुख्य वैज्ञानिक डॉ. समन हबीब, उप्र. माध्यमिक शिक्षा के एसोसिएट निदेशक जयशंकर श्रीवास्तव, आयोजन समिति के अध्यक्ष आसिफ सिद्दीकी ने भी विचार रखे।
दोपहर बाद के सत्र में राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर आधारित फिल्मों के प्रदर्शन के साथ ही अंतरिक्ष प्रश्नोत्तरी और चित्रकला प्रतियोगिता हुई। विजेताओं को पुरस्कार वितरण किया गया। कार्यक्रम में 30 से अधिक स्कूलों के 500 से अधिक छात्रों के अलावा वैज्ञानिक, शिक्षाविद और गणमान्य व्यक्ति माैजूद रहे।
सीडीआरआई में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद वैज्ञानिक और बच्चे। -संवाद