बख्शी का तालाब। बाढ़ से जूझ रहे इटौंजा के सुल्तानपुर व बहादुरपुर गांव में बाढ़ का पानी अब भी तेज धार में बह रहा है। इस कारण यहां के लोगों को मोटरबोट और नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। जिला प्रशासन के निर्देश पर नाव का इस्तेमाल करने वाले ग्रामीणों को लाइफ जैकेट भी पहनाई जा रही है। उधर, लासा गांव की सड़क से पानी उतरने के बाद ग्रामीणों ने पैदल व निजी वाहनों से आवागमन शुरू कर दिया है।
तहसीलदार शरद सिंह ने बताया कि हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं। अगले दो दिनों में क्षेत्र के लगभग सभी मार्गों से बाढ़ का पानी उतर जाएगा। बाढ़ का प्रकोप कम होने के साथ प्रभावित गांवों में प्रशासन, राजस्व और स्वास्थ्य विभाग की टीमें और सक्रिय हो गई हैं। बृहस्पतिवार को नायब तहसीलदार आकाश पांडेय, राजस्व निरीक्षक नावेद और लेखपाल टीम के साथ लासा, सुल्तानपुर, बहादुरपुर पहुंचे। इन्होंने उन ग्रामीणों की सूची तैयार की, जिनके घरों के अंदर तक पानी पहुंच गया था। उधर, जेपी सिंह की टीम ने लासा, हरदा, इकडरिया कला व खुर्द, जमखनवा, हीरापुरवा, बहादुरपुर सुल्तानपुर में ग्रामीणों को क्लोरीन की 4500 गोलियां बांटी। उन्होंने इसके इस्तेमाल का तरीका भी बताया।
मां चंद्रिका देवी मंदिर के मुख्य मार्ग की दुकानें डूबीं
बाढ़ का पानी उतरने के बावजूद मां चंद्रिका देवी मंदिर के मुख्य मार्ग पर अभी तक पानी भरा है। श्रद्धालुओं और दुकानदारों को इससे होकर गुजरना पड़ रहा है। मुन्ना यादव, खेलावन, अरुण, रिंकू, संतोष, छोटके, अजय, अभी रावत, महेश, नंदू दिनेश, अतुल, गोकुल, अंकित, अरविंद, हरिश्चंद्र, संतोष, मिथुन, छोटू, अशर्फी प्रसाद की खिलौनों, लइया आदि की दुकानों में पानी भरा है।
इंटौजा के कई इलाकों में अब भी बाढ़ का असर दिख रहा है।
इंटौजा के कई इलाकों में अब भी बाढ़ का असर दिख रहा है।
इंटौजा के कई इलाकों में अब भी बाढ़ का असर दिख रहा है।