अक्तूबर 2019 में जिस जेवी को सीतापुर-बरेली के बीच एनएच-30 के हिस्से को बनाने की जिम्मेदारी दी गई, उसी के लीडिंग पार्टनर राज कॉर्पोरेशन लिमिटेड को एनएचएई ने 11 सितंबर 2020 को दो साल के लिए काली सूची में डाल दिया। बताते हैं कि टेंडर में गलत डॉक्युमेंट लगाने का मामला पकड़ में आने पर यह कार्रवाई की गई। ऐसी हालत में माहवार लक्ष्य तय करके काम कराना चाहिए था, जोकि नहीं हुआ।
एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी अब्दुल बासित का कहना है कि हम इस प्रोजेक्ट की रोजाना समीक्षा कर रहे हैं। लागत बढ़ने की बात सही है, पर यह कितना है, अभी बता पाने की स्थिति में नहीं हूं। काम में तेजी लाने के लिए नए प्रोजेक्ट डायरेक्टर की तैनाती की गई है। अगर लागत में वृद्धि होती है, तो जिन आईटम के कारण यह वृद्धि होगी, वो काम मौजूदा कांट्रैक्टर से नहीं कराए जाएंगे।